जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण बचेगा तो जीवन बचेगा-तेजराम विद्रोही
गरियाबंद :- छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिला अंतर्गत फिंगेश्वर ब्लॉक के पोलकर्रा ग्राम में 15 मई 2026 को बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत जी के 15 वीं पुण्यतिथि को ” जल, जंगल, जमीन एवं पर्यावरण बचाओ” संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम के वरिष्ठ नागरिक घासीराम साहू ने किया. इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तेजराम विद्रोही, गरियाबंद जिला महासचिव योगेंद्र साहू, जिला संगठन मंत्री ललित साहू, फिंगेश्वर ब्लॉक अध्यक्ष रेखराम साहू, सदस्यगन कोमन ध्रुव भूनूराम साहू, मनोज कुमार, रोमश कुमार, कुलेश्वर, बिन्दकुमार, देशराम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे.
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए तेजराम विद्रोही ने कहा कि किसान सीधे प्रकृति से जुडा हुआ है, औद्योगिक विकास के लिए बड़े पैमाने पर किये जा रहे पेड़ों की कटाई और खनिजो की उत्तखनन ने प्रकृति के साथ गंभीर छेड़छाड़ किया है जिससे प्रकृति अपना संतुलन खो रहा है और दुस्परिणाम के रूप में वर्षा ऋतु में बरसात की कमी या अतिवर्षा, ठंड व गर्मी के समय बरसात जैसे हालत बन गए हैं जिसका सबसे ज्यादा खामियाजा किसानों को फसल नुकसान के रूप में भुगतना पड़ता है। किसान कितने गंभीर और कठिन परिस्थितियों में फसल उत्पादन करते हैं इसकी समझ सरकार को नहीं है जिसके कारण किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है फिर भी उनके फसल का वाजिब लाभाकरी दाम नहीं मिल पाता। 
किसानों की समस्याओं का समाधान संगठित होकर आंदोलन के माध्यम से ही निकल सकता है। खेती और जीवन को बचाने के लिए अपने फसल की सही दाम पाने के संघर्षो के साथ- साथ जल, जंगल, जमीन और पर्यावरण बचाने के संघर्ष में हमें एकजुट होना होगा।
