हिंदू नववर्ष के उपलक्ष्य में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन

 

हिंदू नववर्ष के उपलक्ष्य में रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन

आनंद भोई ब्यूरो चीफ- महासमुंद।चैत्र शुक्ल प्रतिपदा विक्रम संवत 2078 युगाब्ध 5123 के शुभ अवसर पर ग्राम कोलिहादेवरी एवं घुमाभाटा में संध्या को हिंदू नववर्ष एवं चैत्र नवरात्र में कोरोना को सावधानी में रखते हुए धूमधाम से मनाया गया तथा अपनी सनातन परंपरा के अंतर्गत भारतिय नववर्ष का दीप प्रज्वलित कर स्वागत किया गया नववर्ष एवं नवरात्र के उपलक्ष्य में प्रत्येक घरों में भगवा ध्वज एवं दिप प्रज्वलित कर दीपोत्सव तथा रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था जिसमें नारी शक्ति के सम्मान का संकल्प लें कर बालिकाओं एवं महिलाओं ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। जहाँ महिलाएं और बालिकाओं द्वारा केवल सुंदर रंगोली ही नहीं बनाया गया था बल्कि रंगोली के माध्यम से अपने सनातन धर्म व संस्कृति के प्रति अपनी आस्था प्रकट किया तथा वर्तमान में चल रहे कोरोना महामारी के प्रति रंगोली द्वारा जागरूकता व सावधानी भी बताया गया। इसी अवसर पर कोलिहादेवरी निवासी चन्द्रमणी डड़सेना ने बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन भगवान श्री राम का राज्याभिषेक हुआ था, सृष्टि के निर्माता परम पिता ब्रम्हा जी द्वारा सृष्टि का निर्माण किया गया, द्वापरयुग में पाण्डव वंशीय धर्मराज युधिष्ठिर का भी राज्याभिषेक हुआ था,
इसी दिन से ही आदिशक्ति स्वरूपा माता जगत जननी नव दुर्गा का नवरात्र पर्व की शरुवात होती है, सम्राट विक्रमादित्य के सिंहासन आरोहण एवं विक्रम संवत का प्रारंभ हुआ था, स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा आर्य समाज की स्थापना किया गया, वरुण अवतार भगवान झूलेलाल का जन्म दिवस मनाया जाता है, साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक माननीय बलिराम हेडगवार जी का जन्मदिन रहा। उक्त अवसर पर धुमाभाटा व कोलिहादेवरी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक सेवक संघ के जिला प्रचार प्रमुख आदित्य रंजन कानूनगो, खंड कार्यवाह सौरभ अग्रवाल, खंड प्रचारक चन्द्र मणी डड़सेना, स्वयंसेवक गोपाल नायक, धनेश्वर बंजारा, लखेश्वर राणा, महेश नाग, श्रीराम साहू, श्रीमती जमुना सिदार, श्रीमती भोई जी तथा ग्राम के गणमान्यजन की उपस्थिति रही। रंगोली प्रतियोगिता के निरीक्षक के रुप में राष्ट्रीय सेविका समिति की बहने श्रीमती रमाकांति दास वैष्णव, सीमा जयसवाल, संगीता ठक्कर एवं पत्रकार शुखदेव दास वैष्णव जी रहे। यह प्रतियोगिता (दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी) कोरोना के बढ़ते संक्रमण को मध्य नज़र रखते हुए सामाजिक दूरी का पालन करते हुए आयोजन किया गया था।