प्रमोद दुबे
महासमुंद :- गुरुवार को वित्तमंत्री डॉ के निर्मला सीतारमण द्वारा देश के लिए प्रस्तुत अंतिरिम बजट को महिला कांग्रेस कमेटी की प्रदेश सचिव व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती राशि त्रिभुवन महिलांग ने जनहितैषी की बजाए कारपोरेट बजट बताया।
उन्होंने कहा कि चुनावी वर्ष में पेश होने वाले बजट को लेकर जनता को सरकार से बहुत उम्मीदें थीं। पर बजट से जनता को एक बार फिर से निराशा ही हाथ लगी है। चालू वित्तीय वर्ष में 18 लाख करोड़ रुपये का बजट घाटा वाला है। उन्होंने कहा कि अतिरिम बजट पर वित्तीय मंत्री श्रीमती रमण को अच्छे भाषण की अपेक्षा थी पर उनका बजट भाषण बहुत छोटा और निराशाजनक रहा। भाषण में बेरोजगारी का मुद्दा शामिल नहीं है। देश की जनता बढ़ती महंगाई से राहत की उम्मीद में थी पर जनता को इससे भी राहत नहीं मिली। चुनाव समय मोदी सरकार अपनी विफलता को सफलता के रूप में पेश करेगी। बजट में महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए कुछ खास नहीं है। भाजपा सरकार में देश की जनता को सबसे अधिक मार पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों से पडी है जिससे राहत की उम्मीद थीं पर उससे भी मोदी सरकार ने राहत नहीं दी। श्रीमती महिलांग ने कहा कि बजट में राज्यों के लिए विशेष पैकेज की घोषणा की जाती है पर छग के लिए ऐसी कोई घोषणा नहीं है। जबकि राज्य में भाजपा के डबल इंजन की सरकार है। बजट में विशेष पैकेज की घोषणा न होना छग की जनता के साथ छलावा है। मोदी सरकार ने बजट में जनता की बजाए केवल कारपोरेटरों पर ज्यादा फोकस किया है।
