सुरेन्द्र मिनोचा
एमसीबी :- लोक सभा चुनाव की व्यापक तैयारी शुरू कर दी गई है ,खास कर भाजपा से बड़ी गंभीरता से चुनावी सर- गर्मी दिख रही है ।राष्ट्रीय स्तर पर भी भाजपा ने चुनाव का शंखनाद कर दिया है ।इधर छत्तीसगढ़ में भाजपा के कई दावेदारों के नाम सामने आ रहे हैं। अभी इसमें कौन दावेदार सफल होगा यह तो देखने वाली बात होगी ।छत्तीसगढ़ में लोकसभा की 11 सीट हैं। वर्तमान में 9 सीटों पर भाजपा के ही सांसद हैं। बस्तर और कोरबा में कांग्रेस के सांसद हैं, वहां पर भारतीय जनता पार्टी विशेष रणनीति से अपनी पैठ जमा रही है।
ऐसा समझा जा रहा है कि, इस बार भी भाजपा कुछ नए चेहरों को सामने ला सकती है ।तीन लोकसभा सीट बिलासपुर, रायगढ़ ,सरगुजा अभी रिक्त है क्योंकि बिलासपुर सांसद रहे अरुण साव, वर्तमान में राज्य के उपमुख्यमंत्री हैं ,वहीं रायगढ़ सांसद गोमती साय व सरगुजा सांसद रेणुका सिंह वर्तमान में विधायक हैं ।इसके अलावा दो सीट बस्तर और कोरबा कांग्रेस के कब्जे में है।ऐसी स्थिति में 6 लोकसभा रायपुर ,दुर्ग ,राजनांदगांव , महासमुंद, जांजगीर, चांपा, कांकेर सीटों पर वर्तमान सांसदों की स्थिति को देखते हुए टिकट दिए जाने की संभावना बेहद कम नजर आ रही है।
विधानसभा चुनाव में मिली अप्रत्याशित जीत से भाजपा के एक-एक कार्यकर्ता में गजब का आत्मविश्वास भरा हुआ है ।भाजपा को यह विश्वास है कि इस बार भी जीत बीजेपी की होगी ।सरगुजा लोकसभा क्षेत्र एवं जांजगीर चांपा में ज्यादा मेहनत की संभावना नजर आ रही है। छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा सीटों में दावेदारों का फाइनल चयन, प्रदेश प्रभारी संगठन, महामंत्री, प्रदेश महामंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, एवं मुख्यमंत्री के सहमति से ही होगा। इसके अलावा केंद्रीय नेताओं और राज्य नेतृत्व के बीच में भी समन्वय बनाने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडवीया का भी अहम किरदार हो सकता है। टिकट दावेदारों को भाजपा का केंद्रीय संसदीय बोर्ड भी तय करेगा।
इधर कांग्रेस मुख्यालय प्रदेश चुनाव समिति की बैठक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और डिप्टी सीएम टी एस सिंह देव दोनों चुनाव न लड़ने की मंशा जाहिर कर चुके हैं।
अब लोकसभा के केंद्रीय कार्यालय भी खुल गए हैं।भाजपा के राष्ट्रीय संगठन के निर्देश पर प्रदेश के सभी 11 लोकसभा में शीघ्र ही कार्यालय खोले जा रहे हैं। इस बार छत्तीसगढ़ में भाजपा सभी 11 सीट जीतने का दावा कर रही है ।इसके साथ देश में इस बार भाजपा 400 सीटों का अनुमान लगा रही है।
रायपुर लोकसभा में 9 विधानसभा क्षेत्र हैं, इनमें से आठ विधानसभा में बीजेपी जीती है ।
छत्तीसगढ़ की जनता एक बार फिर भाजपा पर भरोसा कर सकती है , यह तो आने वाला समय ही बताएगा लेकिन यह बात तो तय है कि आज देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सर्वाधिक लोकप्रिय नेता हैं। इनका वैश्विक मान है ।”सबका विकास ,सबका विश्वास ,सबका प्रयास” नारे के साथ भाजपा देश को बढ़ाने में लगी हुई है।
इस बार मोदी की गारंटी को सामने रखकर लोकसभा की तैयारी शुरू की गई है ।अब लोकसभा की 11 में से 11 सीट हम जीत कर आएंगे। लोकसभा चुनाव को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय संगठन ने “गांव चलो अभियान” का फैसला किया है।
इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी एक दिन गांव जाएंगे ,और वहां रात भी गुजारेंगे,इसके अलावा प्रदेश के सभी मंत्री, सांसद, विधायक बड़े से बड़े और छोटे पदाधिकारी और नेता भी एक-एक गांव को गोद लेंगे और वहां पर 24 घंटे बिताएंगे। अब सभी मंत्री, विधायक “गांव चलो अभियान” का हिस्सा बनेंगे ।इस अभियान के तहत देश के हर गांव तक भाजपा के किसी न किसी कार्यकर्ता को जाना है।अभियान में सभी केंद्रीय मंत्री ,राज्यों के मुख्यमंत्री विधायकों और सांसदों को शामिल किया गया है ।
इसी के साथ बूथ से लेकर मंडल तक और जिला एवं प्रदेश संगठन के सभी पदाधिकारी को एक-एक गांव तक जाने का जिम्मा दिया गया है ।
छत्तीसगढ़ में करीब सभी गांवो में “गांव चलो अभियान “के तहत छत्तीसगढ़ में 11 फरवरी तक यह अभियान चलाया जाएगा ।इस अभियान के तहत प्रदेश के हर गांव में भाजपा कार्यकर्ता जाएंगे इसको लेकर भाजपा में विशेष कवायद चल रही है। इसका मुख्य विषय लोकसभा चुनाव की तैयारी ही है। भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी गांव में जाकर केंद्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में गांव वालों को बताएंगे।
छत्तीसगढ़ के सभी 11 लोकसभा में जीत का लक्ष्य भाजपा ने तय किया है। सरगुजा संसदीय सीट पर भी जीत का नया रिकार्ड बनाने के लक्ष्य के साथ भाजपा चुनाव मैदान में उतर रही है ।
विधानसभा में बीजेपी सरगुजा संभाग में शानदार सफलता हासिल की थी। इसकी पूरे प्रदेश में तारीफ भी हुई थी ।अब लोकसभा का चुनाव सामने है यहां भी सरगुजा को एक रिकॉर्ड बनाने के उद्देश्य से सभी भाजपा कार्यकर्ता पदाधिकारी कम कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव की दृष्टि से संगठन की ओर से घर-घर चलो अभियान, लाभार्थी सम्मेलन सहित विभिन्न कार्यक्रम तय किए गए हैं।
सरगुजा संसदीय सीट के चुनाव की तैयारी भी भाजपा ने शुरू कर दी है। सरगुजा लोकसभा सीट को 2 लाख से अधिक ज्यादा मतों से जीतने का लक्ष्य रखा गया है। लोकसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस दोनों का महिलाओं पर जोर दिखाई दे रहा है।
भाजपा प्रदेश की कुल 11 लोकसभा सीटों में से 4 से 5 सीटों पर महिला प्रत्याशियों को उतारने की तैयारी चल रही है।
विधानसभा चुनाव 2023 में कुल 90 सीटों पर भाजपा ने 15 और कांग्रेस ने 18 महिलाओं को टिकट दिया था ।इनमें से भाजपा से आठ महिलाएं चुनाव जीती थी। पिछली बार लोकसभा चुनाव 2019 में प्रदेश की 11 लोकसभा सीटों में से तीन सीटों पर महिलाएं लोकसभा सदस्य के रूप में निर्वाचित हुई थी।भाजपा से रायगढ़ और सरगुजा में क्रमशः गोमती साय और रेणुका सिंह लोकसभा सदस्य निर्वाचित हुई थी ।हालांकि दोनों नेत्रियों ने विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज हासिल करने के बाद लोकसभा की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया है।
लोकसभा चुनाव की तिथि नजदीक आती जा रही है ऐसे में केंद्र सरकार युवा महिलाओं और किसानों पर विशेष फोकस करना चाहती है ।राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू ने सरकार की उपलब्धियां में “महिला आरक्षण बिल” का भी उल्लेख किया है ।केंद्र सरकार की मंशा है कि नारी शक्ति को बढ़ाया जाए। इसी के तहत संसद के आयोजित पहले सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल पास कर दिया गया है इसमें देश की नारी के शक्ति शौर्य एवं संकल्प को रेखांकित किया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू ने विकसित भारत के भव्य इमारत के चार मजबूत स्तंभ बताएं हैं- यह स्तंभ है “युवा शक्ति “,”नारी शक्ति ,”गरीब “और “किसान”,
भाजपा ने पहली बार प्रत्याशियों की घोषणा में लोकसभा के कार्यालय भी खोल दिए है। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन ने देशभर की लोकसभा सीटों को 146 क्लस्टरों में बांटा गया है ।छत्तीसगढ़ में तीन क्लस्टर बनाए गए हैं ,इसमें प्रभारी से प्रभारी संयोजक सहसंयोजक बनाए गए हैं।भाजपा की लोकसभा चुनाव की एक साल पहले से तैयारी , “गांव चलो अभियान”, सही प्रत्याशी का चुनाव, वर्तमान जनाधार ,नरेंद्र मोदी की वैश्विक लोकप्रियता के आधार पर बीजेपी को लोकसभा में शत- प्रतिशत सफलता मिल सकती है क्या? यह तो आने वाला समय ही बताएगा ।
सतीश उपाध्याय की कलम से
क्या बीजेपी,छत्तीसगढ़ लोकसभा की 11 सीट जीत सकती है?
