विश्व हिंदू परिषद जिला सह मंत्री गौरीशंकर कश्यप ने मानवता की दी परिचय बिझड़ी 4 वर्षीय बच्ची को अपनी दादी से मिलाकर।

गणतंत्र पर्व के दिन ही इन्होंने आकस्मिक मौत से पिता का साया उठे दो मासूम बच्चों का स्कूल फीस जमा किया था।

फर्क लाना: उन प्रतिभाशाली छात्रों को प्रेरित करते हैं जो उपलब्धि हासिल नहीं कर पा रहे हैं।

गजानंद कश्यप देवभोग

देवभोग- देवभोग से 10 किलोमीटर दूर धुर्वापारा के पास 4 वर्षीय बच्ची माही फातिमा बस से अपनी दादी को उतरते देख वह भी उतर गई और जाने अनजाने में उनकी दादी अपनी बच्ची को नहीं देख सकी, जिससे बच्ची धुर्वापारा में ही छूट गई बताया जा रहा है कि उसकी दादी एवं माही फातिमा शारदा बस से बैठे थे और देवभोग के लिए निकले थे धुर्वापारा चौक पर जब बच्चे की रोने की आवाज आई तो चौक पर स्थित डेली नीड्स के मालिक विहित कार्यकर्ता गोविंद नागेश वहां पहुंचे एवं तत्काल विश्व हिंदू परिषद जिला सह मंत्री गौरी शंकर कश्यप से संपर्क कर तत्काल सोशल मीडिया के माध्यम से आनंद-फानन में जानकारी प्राप्त कर बच्ची को लेकर देवभोग आय एवं उसकी दादी एवं उनके पिता से मुलाकात कराया।

एक पिता की मौत कोरोना काल में तो दूसरा सड़क दुर्घटना में दम तोड़ा था

 

सरगीगुड़ा निवासी विजेंद्र कश्यप की मौत दो साल पहले कोरोना से हो गया,बेटा वेद व्यास अरुण उदय की पढ़ाई के बाद कक्षा प्रथम तक पहुंच गया,पर कमाने वाले पिता का साया उठा तो परिवार इस साल खर्च वहन करने में असमर्थ जताया। माड़ागाव निवासी प्रदीप कुमार 15 मई 2023 को तेल नदी पूल के पहले कूम्हड़ई खुर्द सड़क में दुर्घटना के शिकार हो गए,समय पर इलाज नही मिल सका इसलिए बेटा टिपेश के सर पिता का साया उठ गया।बेटे को देवभोग संशीम में भर्ती तो किया गया पर फीस चुकाने में असमर्थ थे परिजन।दोनो मामले की सूचना मिलने के बाद गौरी शंकर कश्यप ने पढ़ाई का खर्च उठाने का निर्णय लिया था।

गेंगरीन के मरीज अशोक नूष्कर को न केवल रायपुर में एक एनजीओ के सहारे उपचार कराया बल्कि उसके बिछड़े परिजन से भी मिलाया

 

इस दरम्यान जुलाई 2022 में पश्चिम बंगाल से भटक कर ट्रायसायकल में देवभोग पहुंचे गेंगरीन के मरीज अशोक नूष्कर को न केवल रायपुर में एक एनजीओ के सहारे उपचार कराया बल्कि उसके बिछड़े परिजन से भी मिलाया अशोक का परिवार अभी भी गौरी के संपर्क में है। जनवरी 2023 में परिवार द्वारा शमशान घाट के पास डेरा बना कर मरने के लिए छोड़ दिए गए कुष्ठ रोग के मरीज के दर्द से प्रशासन को अवगत कराया। गौरी समाजिक के अलावा धार्मिक कार्यों में भी बढ़-चढ़कर भाग लेते है। स्वामी विवेकानंद की तरह पोशाक पहने के अलवा राष्ट्रवादी कवि के रूप में अपनी अलग पहचान भी बनाया है। अपनी रचना की एक किताबे भी प्रकाशित कराया है.गौरी ने कहा की समाज सेवा से जुड़ी सिख जहा भी मिले उसे ग्रहण कर रहा हूं। उसका पालन सभी करे इसलिए उसका प्रचार प्रसार भी करते रहता हूं।