खेत बचाओ अभियान कार्यकम दिनांक 01 से 30 जून 2026 तक

महासमुन्द –  महासमुंद जिले में खेत बचाओ अभियान कार्यकम चलाया जा रहा है रासायनिक उर्वरकों के सिमित व समझदारी पूर्ण उपयोग और प्राकृतिक खेती के प्रति किसानों व आम नागरिकों में जागरूकता और जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा 01 जून से 30 जून 2026 तक देशव्यापी “खेत बचाओं अभियान” का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें जमीन की प्राकृतिक उपजाउ क्षमता और दीर्घकालिक उत्पादन लगातार घट रहा है भारत सरकार द्वारा नवंबर 2024 से राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन चलाया जा रहा है. जो पारंपरिक ज्ञान पर आधारित एक टिकाऊ एवं आर्थिक रूप से व्यवहार्य विकल्प है इसके साथ ही देश को खाद्द्य तेलों के क्षेत्र में आत्मर्भिर बनाने और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए राष्ट्रीय खांद्य सुरक्षा मिशन-तिलहन भी लागू किया गया है किसानों के मध्य रासायनिक उर्वरकों के असंतुलित उपयोग से मृदा स्वास्थ्य पर प्रभाव तथा प्राकृतिक खेती के महत्व पर वैज्ञानिक परिचर्चा एवं जैविक उत्पाद संबधी जानकारी प्रदान की गई किसानों के मध्य कृषक चौपाल लगाकर हरी खाद एवं नील हरित काई के उपयों को विस्तार से समझाया गया। यूरिया/डी.ए.पी. के विकल्प के रूप में एन.पी. के. एस.एस.पी., जैव उर्वरक, नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, जैविक खाद, सूक्ष्म पोषक तत्व के उपयोग तथा मृदा स्वास्थ्य कार्ड की अनुशंसा अनुरूप उर्वरक हेतु व्यापक जन-जागरूकता कार्यकम ग्राम स्तर एवं विकासखण्ड स्तर पर किया जा रहा हैं।खेत बचाओ अभियान के तहत ग्राम धौराभाटा वि ख बागबाहरा जिला महासमुंद मे आज किसान संगोष्ठी का आयोजन किया गया।जिसमें कृषकों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित किया गया हरी खाद ,वेस्ट डिकंपोजर, नील हरित शैवाल का खेती में उपयोग का संक्षेप में जानकारी प्रदान किया गया पराली न जलाने का संदेश देते हुए पराली का उचित प्रबंधन करने के लिए वेस्ट डिकंपोजर का प्रयोग एवं उपस्थित कृषकों को वेस्ट डिकंपोजर बनाने की विधी करके दिखाया गया सिखाया गया एवं कृषकों को हरी खाद के लिए मूंग एवं ढैचा बीज का वितरण किया गया।