बजट की आलोचना करते हुए कहा महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा है – डॉ रश्मि चंद्राकर।

प्रमोद दुबे 

महासमुंद :- कांग्रेस जिला अध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर ने कहा कि यह बजट निराशाजनक है। यह कारपोरेट का हितैषी बजट है। इसमें गरीबों और आम लोगों के लिए कुछ भी नहीं है।”
चालू वित्त वर्ष में 18 लाख करोड़ रुपये का बजट घाटा है। आने वाले साल में यह और बढ़ेगा। इसका मतलब है कि मोदी सरकार कर्ज लेकर अपना खर्च चला रही है।” बजट भाषण बहुत छोटा और निराशाजनक था। बहुत अधिक बयानबाजी थी। कई मुद्दों को छुआ नहीं गया। बेरोजगारी जैसे मुद्दे का उल्लेख ही नहीं किया गया।” उन्होंने कहा, ‘‘यह सरकार अपनी विफलता को भी सफलता को रूप में पेश करेगी। आम भारतीय मतदता से पूछिए कि सरकार की नीतियों से उसकी जेब में क्या मिला तो इसका जवाब मिल जाएगा कि देश का आम आदमी क्या सोचता है।” आगे डॉ रश्मि चंद्राकर केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए कहा महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा है। केंद्र सरकार से उम्मीद की जा रही थी कि वित्त मंत्री द्वारा किचन का बजट कम करने ठोस और स्पष्ट प्रावधान किये जाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बजट में महिलाओं, किसानों और युवाओं के लिए कोई ठोस बातें नहीं है। चुनावी साल में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस के मूल्य में कमी होने की उम्मीद पूरे देश के नागरिक कर रहे थे, लेकिन आम जनता की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
डॉ रश्मि चंद्राकर ने सवाल किया है कि छत्तीसगढ़ राज्य के लिए विशेष पैकेज की घोषणा क्यों नहीं की गई। भाजपा दावा कर रही थी कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार होने से छत्तीसगढ़वासियों को फायदा होगा, लेकिन बजट में न तो छत्तीसगढ़ के लिए कोई विशेष पैकेज की घोषणा की गई है, न छत्तीसगढ़वासियों के लिए किसी बड़ी सौगात का ऐलान किया गया। डॉ रश्मि चंद्राकर ने केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए कहा कि बजट में किसानों, बेरोजगारों और व्यापारियों के लिए कुछ भी नहीं है। केंद्रीय बजट में कृषि क्षेत्र, स्वच्छ ऊर्जा और आय कर श्रेणियों को तर्कसंगत बनाए जाने पर ध्यान केंद्रित नहीं किया गया है। बजट में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र के लिए कुछ भी नहीं है। बेरोजगारों की उम्मीदें इस बार भी टूट गई।