मैनपुर शिक्षाकर्मी फर्जीवाड़ा…
जांच में पाया गया 129 फर्जी शिक्षाकर्मी जो फर्जी दस्तावेजों और
प्रमाण पत्रों के सहारे कर रहा है सालों से नौकरी
खबर गंगा के पास है 129 फर्जी शिक्षको की सूची बहुत जल्द किया जाएगा सार्वजनिक
परमेश्वर कुमार साहू ,5अप्रैल 2021
गरियाबंद /वर्ष 2005 से 2007 मैं भाजपा शासन काल हुए शिक्षाकर्मी भर्ती फर्जीवाड़ा में जांच प्रतिवेदन आने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हुई है। अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से फर्जी शिक्षाकर्मी आज भी नौकरी कर रहे हैं।इस शिक्षाकर्मी भर्ती में जमकर धांधली किया गया था। जिसके कारण आज पढ़े-लिखे बेरोजगारों को रोजगार के लाले पड़े हैं।और जो सही पढ़ाई कर डिग्री पकड़ कर घर बैठे हैं फर्जी शिक्षाकर्मी पर कार्यवाही नहीं होना बरोजगारो के गाल पर तामाचा मारना है फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई न होना जिला प्रशासन व विभाग की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अब तक शिक्षाकर्मियों की सूची सार्वजनिक नही हुई है जिस वजह से आज भी समाज के सामने फर्जी शिक्षाकर्मी अपने फर्जी दस्तावेजों को सही बताते हुए सीना तान कर नौकरी कर रहे हैं ।इनके पास जो प्रमाण पत्र है उसे जांच अधिकारियों ने जांच में फर्जी पाया था।
गौरतलब है कि जनपद पंचायत मैनपुर में वर्ष 2005 से 2007 तक फर्जी विकलांग प्रमाण पत्र एवं फर्जी दस्तावेजों के आधार पर शिक्षा कर्मी वर्ग 3 पर शिक्षा कर्मी की बड़ी तादाद में नियुक्ति हुई थी। जिसमें 454 आवेदनों में से जांच हेतु 322 अभ्यर्थी जांच के समय उपस्थित हुए थे। जिसमें 139 शिक्षाकर्मियों का अभिलेख और दस्तावेज जांच में सही पाया गया था एवं 129 शिक्षाकर्मियों की जांच में फर्जी प्रमाण पत्र एवं फर्जी दस्तावेजों के कारण नियुक्ति निरस्त करने हेतु कार्यालयीन पत्र क्रमांक 2247 दिनांक 17-07-2019 के द्वारा पत्र लेख किया गया था। वही 65 शिक्षाकर्मियों के दस्तावेज जांच में परीक्षण योग्य पाया गया था। जिसको संबंधित संस्थाओं और विभागों को सत्यापन हेतु भेजा गया था। वही 132 शिक्षाकर्मी जांच दल के समक्ष उपस्थित नहीं हुए थे। जिसके लिए कार्यालय आदेश क्रमांक 2483 दिनांक 26-7-19 को नवीन जान समिति गठित किए गए थे।
आपको बता दे की जिले के इस सबसे बड़े शिक्षाकर्मी भर्ती फर्जीवाड़ा में जांच दल द्वारा जांच में केवल खानापूर्ति किया गया है ।जिसके कारण फर्जी दस्तावजों और प्रमाण पत्रो के माध्यम से नौकरी कर रहे उक्त शिक्षाकर्मी को आज तक न तो हटाया गया है और न ही कोई कार्यवाही की गई ।फर्जी शिक्षाकर्मी जिले के अनेक कोनो में नौकरी कर रहे है। कई महिला शिक्षा कर्मी शादी होकर अन्यत्र जिलों में नौकरी कर रहे। सूत्रों की माने तो इन फर्जी शिक्षाकर्मियों की जनप्रतिनिधियों का सरंक्षण प्राप्त है और उनके रिश्तेदार शिक्षक बन हुए। वहीं अधिकारी की मिलीभगत है।जिसके कारण फर्जी शिक्षाकर्मि को नहीं हटाया जा रहा है।मैनपुर फर्जी शिक्षाकर्मियों की पूरी कुंडली व कई ऐसे अहम दस्तावेज खबर गंगा के हाथ लगा है।जो फर्जी शिक्षाकर्मियों और उन जिम्मेदारो को बेनकाब करेगा।और बहुत जल्द ही फर्जी शिक्षाकर्मियों सूची नाम पता समेत सार्वजनिक किया जाएगा और जब तक कार्रवाई नहीं होगी तब तक लगातार खबर गंगा लिखता रहेगा । सूत्रों से पता चला है कि इस फर्जी शिक्षाकर्मी कांड में कई ऐसे जिले के बड़े नेताओं के रिश्तेदार भी नौकरी कर रहे जिसमें पूर्व विधायक पूर्व सांसद व पूर्व मंत्री के रिश्तेदार भी शामिल है जो अपने शासनकाल में इस मामले को दबाए रखा और इन नेताओं के दबाव आज भी है जिस वजह से आज तक फाईल धूल खाते हुए कार्यालय में पड़ी है । कांग्रेस की सरकार भी इन फर्जी शिक्षाकर्मियों के ऊपर मेहरबान नजर आ रहा है।
