बोल बम के जयकारा के साथ किया कुलेश्वरनाथ महादेव का जलाभिषेक l 

राजिम :- बड़ी संख्या में कांवरिया शहर की सड़कों पर चलते हुए दिखाई दिए। सुबह से लेकर देर शाम एवं रात तक बोल बम की आवाज शहर में गुंजित होता रहा। उल्लेखनीय है कि धर्म नगरी राजिम में जब से सावन महीना शुरू हुआ है तब से लेकर अभी तक प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में कांवरिया पहुंच रहे हैं शुक्रवार, शनिवार, रविवार और सोमवार सप्ताह के इन चार दिनों तो हजारों में कांवरिया कांवर लेकर धर्म नगरी राजिम में उपस्थित हो रहे हैं। अनुमान के मुताबिक अभी तक लाखों कांवरिया बाबा कुलेश्वरनाथ महादेव में जलाभिषेक कर चुके हैं। सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ एकमुश्त बढ़ जाती है। इस बार सावन महीने के सातवा सोमवार होगा इस मौके पर बाबा गरीब नाथ महादेव में जल अभिषेक का कार्यक्रम आयोजित होगा। इसे लेकर शहर में भव्य तैयारियां चल रही है अंबिकापुर के भजन संध्या ग्रुप संजय सुरीला को भी आमंत्रित किया गया है। इधर वीवीआइपी मार्ग पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई है गाड़ियों का रेलम पेल तथा लक्ष्मण झूला के माध्यम से श्रद्धालु गंड सीधे बाबा फुलेश्वर नाथ महादेव के मंदिर पहुंच रहे हैं नदी में जलस्तर बढ़ा हुआ है। जिसके चलते तीनों जिला रायपुर, धमतरी एवं गरियाबंद से बड़ी संख्या में लोग बाबा कुलेश्वरनाथ महादेव के दर्शन करने के लिए उपस्थित हो रहे हैं। बताना जरूरी है कि धर्म नगरी में अनेक शिव मंदिर है जहां शिवलिंग प्रस्थापित है। जानकारी के मुताबिक त्रेता युग में माता सीता ने अपने हाथों से रेत से शिवलिंग का निर्माण किया था। तब से लेकर इन्हें कुलेश्वरनाथ महादेव के रूप में जाना जाता है। इन्हें विश्व का विरले शिवलिंग कहा जाता है। पूरी दुनिया में इस तरह का ज्योतिर्लिंग नदी के मध्य कहीं भी नहीं मिलता है। इस शिवलिंग का संबंध सीधे रामायण कालीन है। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद सन् 2005 से लेकर 2018 तक कुंभ मेला का आयोजन भी किया गया। जिसमें देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए उसके बाद माघी पुन्नी मेला का आयोजन पिछले 5 सालों से हो रहा है। उनके पहले भी माघी पुन्नी मेला बाबा कुलेश्वरनाथ महादेव मंदिर के आसपास ही लगता था। इस शिवलिंग की महत्ता धर्म शास्त्रों में भी बताया गया है। श्रीमदा्लोचन महत्तम के अनुसार बाबा कुलेश्वर नाथ के अनेक चमत्कार वर्णित है जिनमें से प्राचीन काल में एक राजा हुए जिनके एक भी पुत्र नहीं हो रहे थे उन्होंने खूब तीर्थ यात्रा की, लेकिन कहीं भी उनको पुत्र की प्राप्ति नहीं हुए। अंततः थक हारकर महानदी त्रिवेणी संगम पहुंचे और शिवलिंग में एक सौ बिल्वपत्र चढ़ाएं। कालांतर में राजा को 100 पुत्र की प्राप्ति हुई। विधि विधान के साथ पूजा अर्चना करने तथा सच्चे हृदय से बाबा भोलेनाथ को आवाज देने से पुकार जरूर सुनते हैं। शनिवार को कांवरिया पथरीले रास्ते से होकर बोल बम कैसे आगे बढ़ रहे थे। इनमें छोटे बच्चे से लेकर युवा एवं महिलाओं का भी अलग से दल आगे बढ़ रही थी। कांवरियों में गजब का उत्साह तथा शिव के प्रति ध्यान मग्न होकर बोल बम कहना अत्यंत मिठास लग रहा था। पूरे छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में कांवरिया राजिम पहुंच रहे हैं। उनके रुकने एवं भोजन की व्यवस्था श्रीराजीवलोचन कुलेश्वरनाथ बोल बम कांवरिया संघ के द्वारा सांस्कृतिक भवन में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष से भी रखी गई है जिसमें कांवरिया भोजन प्राप्त कर रहे हैं वहीं भजन का भी कार्यक्रम हो रहा है। पूरा धर्म नगरी भगवामय दिखाई दे रहा है।