महाविद्यालय पखांजुर में एनएसयूआई का प्रदर्शन,कांग्रेसियों का स्टंटबाजी – शंकर सरकार

सुशासन की सरकार में गेंदसिंह महाविद्यालय पखांजुर में जनभागीदारी समिति द्वारा दर्जनों कार्य के माध्यम से महाविद्यालय में अनेकों विकास हुए है।

शासकीय वीर गेंट महाविद्यालय पखांजूर में समस्याओं को लेकर एनएसयूआई के प्रदर्शन पर जनभागीदारी समिति अध्यक्ष शंकर सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई का आंदोलन महज ढोंग है। कॉंग्रेस शासन के पांच वर्षों में कॉलेज के विकास के लिए कोई ठोस काम नहीं हुआ था। अब छात्र हित के नाम पर आंदोलन कर सहानभति बटोरने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा, पिछले दो वर्षों में कॉलेज को बालक छात्रावास और बालिका छात्रावास की बड़ी सौगात मिली है जिसका निर्माण कार्य जारी है। कक्षाओं की कमी दूर करने के लिए 85 लाख की लागत से अतिरिकत कक्ष निर्माण की घोषणा माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी किया जिसका निर्माण हेतु टेंडर प्रकिया में है। कॉलेज में सीसीटीवी कैमरे लगा हैं वो भी हमारे कार्यकाल की व्यवस्था है, साफ-सफाई के लिए सफाईकर्मी के नियुक्ति भी जनभागीदारी समिति द्वारा की गई है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र से कॉलेज में दो विषयों में स्नातकोत्तर की पढ़ाई शूरू होने जा रही है। इससे क्षेत्र’ के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पडेगा। जनभागीदारी शुल्क पर उन्होंने कहा कि पिछले दो वरषों से जितना शुल्क लिया जा रहा था, इस वर्ष भी वही राशि ली जा रही है। अन्य कॉलेजों की तलना में पखांजुर कॉलेज में जनभागीदारी शुल्क कम है मात्र 500 रुपये शुल्क एक वर्ष के लिए लिया जाता है। अत्यंत गरीब छात्रों के लिए शुल्क माफी की व्यवस्था भी है। कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को व्यवस्था से कोई शिकायत नहीं है मगर कॉंग्रेस पार्टी को शर्म आनी चाहिए कि उनके पार्टी के कार्यकर्ता अपना चेहरा चमकाने के लिए महाविद्यालय तक को नहीं छोर रहे है कॉलेज परिसर में धरना-प्रदर्शन कर गंदी गाली गलौज के साथ नारेबाजी कर रहे हैं प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी तब एनएसयूआई के छात्र कॉलेज की समस्याओं को लेकर कभी सामने नहीं आए। अब भाजपा सरकार के कार्यकाल में विकास कार्य होने के बावजूद आंदोलन किया जा रहा है। यह राजनीतिक उद्वेश्य से प्रेरित है। कॉंग्रेस पार्टी के लोगों को समझना चाहिए कि स्कूल कॉलेज बच्चों का विद्या अर्जन के स्थान है वहां धरना-प्रदर्शन के आड़ में इस प्रकार की हरकत करना शोभानीय नहीं हैl