क्रांतिकारी तीरंदाजी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान, राज्य स्तर पर नामांकन
कोंडागाँव – कठिन परिस्थितियाँ बार-बार जीवन की राह को आसान बनाती हैं, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति, मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास से हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है। जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद, कोंडागांव की कोंडागांव की गैलरी शिवबती ने अपने संघर्ष और प्रतिभा के दम पर यह साबित कर दिखाया है।बचपन का श्रवण अविश्वास शिवबती का अनेकों अविश्वासों से भरा जा रहा है। बीमारी के कारण उन्होंने कम उम्र में अपनी मां को खो दिया और कुछ समय बाद पिता का साया भी सिर से उठ गया। माता-पिता के निधन के बाद उनके चाचा ने उन्हें कॉलेज कोंडागांव में प्रवेश सहायक बना दिया। जीवन की इन विषम परिस्थितियों के बावजूद शिवाबती ने अपने सपने को नई दिशा देने का संकल्प लिया।
कब्रिस्तान में उन्हें सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षा और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलता है। तीरंदाजी की रुचि को देखते हुए उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के शिक्षकों से प्रशिक्षण प्राप्त किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बहतराई (बिलासपुर) में हुआ, जहां उन्होंने एक साल तक उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी तकनीकी इकाई और संस्थान को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाया।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बाल कोष निधी से आश्रम की गर्लफ्रेंड के लिए भारतीय एवं रिकर्व तिरंदाजी उपकरण भी उपलब्ध कराए गए। समय पर मिले, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और शिवबाती की कड़ी मेहनत ने उनके सपनों को नई उड़ान दी।वर्तमान में कॉलेजियम कोंडागांव में नियमित अभ्यास कर रही शिवबती ने जगदलपुर में आयोजित पदयात्रा में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया और राज्य स्तरीय पदयात्रा में अपना स्थान सुनिश्चित किया। उनका यह उपलब्धि संगठन, अवसर और अवसर की शक्ति का उदाहरण है।शिवबती की सफलता का प्रमाण यह है कि यदि बच्चों को सुरक्षित माहौल, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो वे विपरीत दिशा में अपने सपने को साकार कर सकते हैं। आज शिवबती न केवल कॉलेजियम की शान हैं, बल्कि उन हजारों बच्चे, अनमोल बेटियों के लिए प्रेरणा हैं जो कि उद्घोषणा के बीच भी अपने सपने को पूरा करने का साहस रचती हैं।जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद एवं कोंडागांव परिवार ने शिवबती की इस उपलब्धि पर उत्साह व्यक्त किया है।
