
छुरा :- गुरु पूर्णिमा गुरु और शिष्य के संबंधों का एक पवित्र रिश्ता माना जाता है। और आज के दिन सभी लोग अपने अपने गुरु का पुजन कर भेंट स्वरूप उपहार देकर मुलाकात करते हुए आशिर्वाद प्राप्त करते हैं। इसी क्रम में आज इस पावन पर्व पर मलेवांचल के ग्राम कुड़ेरादादर में स्थित अंजनी आश्रम में गुरू पूर्णिमा का पर्व मनाया गया।

जहां सर्व प्रथम विधान से गुरु पुजन कर यज्ञ, हवन किया गया। इस अवसर पर अंजनी आश्रम के संस्थापक एवं राष्ट्रीय संत सुरक्षा परिषद के प्रदेश सचिव संत अंजनी नंदन शरण ने सभी शिष्यों एवं युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अच्छे बुरे में जो भेद बताए वो गुरु है, जीवन पथ पर जो चलना सिखाए ओ गुरु है,संकट में जो हंसना सिखाए वो गुरु है, दिमाग को केंद्रित करने की सीख देता है, अपने मन को काबू करने का ज्ञान की सीख गुरु ही देता है।

इसलिए हमें अपने जीवन में गुरू बनाना चाहिए और शास्त्रों में कहा गया है गुरु ही ब्रह्मा, गुरु ही विष्णु और गुरु ही महेश्वर है अतः हमें अपने जीवन में गुरू की श्रेष्ठता को नहीं भूलना चाहिए और गुरु से जीवन भर सीख लेना चाहिए। एवं साथ ही सभी श्रद्धालुओं को भोजन भंडारे की व्यवस्था भी की गई थी। गुरु पूर्णिमा के इस अवसर पर सेवक राम साहू, नारायण नेताम पूर्व जनपद सदस्य, जगदीश सेन, भीखम साहू, ईश्वरी नायक, बालक राम मांझी, बोलो राम मांझी, शंकरलाल सोरी, कृष्णा सोरी, अमृत ध्रुव, शीत, बसंत, टंकेश्वर सोरी, ठाकुर राम साहू, तुलसीराम कोटवार, दिलीप नागेश के साथ बड़ी संख्या में क्षेत्र के ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
