
फिंगेश्वर :- लोहरसी में गुरु पूर्णिमा का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया इस मौके पर उपस्थित भगवत आचार्य पंडित देवेंद्र तिवारी ने शिष्यों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु शिष्य की परंपरा सदियों से चली आ रही है। गुरु के बताए मार्ग पर चलने से गोविंद की प्राप्ति होती है। जिसके जीवन में सदगुरुदेव का आगमन होता है सफल हो जाता है। गुरु दो प्रकार के होते हैं एक शिक्षा के गुरु तथा दूसरा दीक्षा के गुरु। शिक्षा जहां से मिले उसे अर्जन कर लेना चाहिए। ज्ञान व्यक्ति के व्यक्तित्व को निखारने का काम करते हैं। भगवान दत्तात्रेय ने 24 गुरु बनाएं। मौके पर उपस्थित शिष्य कवि एवं साहित्यकार संतोष कुमार सोनकर मंडल ने कहा कि जीवन बहुत बड़ी है सत्य ज्ञान आने पर पवित्रता को प्राप्त करते हैं। हमारे सौभाग्य है के गुरु के बताए मार्ग पर चलकर जीवन को ऊंचाइयों मिल रही है। हरक श्रीवास ने कहा कि गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु तथा गुरु महेश्वर है गुरु की कृपा से जीवन सफल हो जाता है। इस मौके पर गुरु के चरणोंदक के लिए गए। आरती उतारी तथा सतगुरु की जयकारा से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। मौके पर पुनऊ राम पटेल, जीवन लाल सोनकर, छोटू राम सोनकर, रामआसरा साहू, गोपाल पाल, डूमन सिंह ठाकुर, धर्मेंद्र यादव, लक्ष्मी नारायण तिवारी, उमेश सोनकर, पलटन पटेल, रघुनंदन पटेल, खिलेंद्र सोनकर सहित बड़ी संख्या में सदस्यगण मौजूद थे।
