संबोधन संस्थान ने मनेंद्रगढ़ विधायक को सौंपा ज्ञापन।

सुरेन्द्र मिनोचा
एमसीबी :- मनेंद्रगढ़ ,नागपुर – चिरमिरी नई रेल लाइन का अधिग्रहण कार्य पूर्ण कर शीघ्र रेल विभाग के सहयोग से इसका निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।संबोधन संस्थान द्वारा दिए गए ज्ञापन पर उक्त आशय के विचार व्यक्त करते हुए राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल ने संबोधन साहित्य एवं कला विकास संस्थान, मनेंद्रगढ़ के प्रतिनिधिमंडल को विश्वास दिलाया,उन्होंने चिरमिरी – मनेंद्रगढ़ क्षेत्र के विस्थापन रोकने एवं अंचल के भावी विकास में इसके बरवाडीह रेल लाइन से जुड़कर मुंबई एवं कोलकाता महानगरों तक जुड़ने की इस नई रेल लाइन के महत्व को स्वीकार करते हुए इसे शीघ्र पूर्ण कराने की प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि बिना भू अधिग्रहण के इसका भूमिपूजन एक राजनैतिक लाभ की कोशिश थी।संबोधन साहित्य कला विकास संस्थान के पूर्व अध्यक्ष बीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने विधायक को सौपे गए ज्ञापन के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि इस संस्था ने वर्ष 2013 से तत्कालीन खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चरणदास महंत के माध्यम से इस रेल लाइन की आवश्यकता हेतु प्रारंभिक पहल की थी जो लगातार काफी प्रयासों के बाद वर्ष 2018 में स्वीकृत हो पाई, किंतु आज तक पूर्ण नहीं हो पाना चिंता का विषय है।आज जब चिरमिरी/मनेंद्रगढ़ अंचल को आर्थिक संबल देने वाली संपत्ति कोयला समाप्ति के कगार पर है तो ऐसे समय में इस अंचल के निवासियों को स्थायित्व एवं पुनर्जीवन देने हेतु यह रेल सुविधा उनकी भावी जीवन रेखा साबित हो रही है।यह रेल आगे चलकर चिरमिरी- बरवाडीह/मुंबई – कोलकाता से जुड़कर इसे आर्थिक मजबूती प्रदान करेगी और छत्तीसगढ़ में रेल विकास के नए द्वार खोलेगी,इस रेल लाइन के तत्काल जुड़ाव से अम्बिकापुर से संचालित सभी वर्तमान ट्रेनों का फायदा चिरमिरी- मनेन्द्रगढ़ अंचल को सीधे मिलेगा और आदिवासी अंचल के दूरस्थ इलाकों के व्यापार को विकास के नए आयाम मिलेंगे।
17 किलोमीटर की इस नई रेल लाइन से जहां चिरमिरी को एक नया रेलवे स्टेशन मिलेगा वही भविष्य में मुंबई – कोलकाता के बीच की दूरी 400 किलोमीटर कम हो जाने से इस अंचल के निवासियों को महानगरों तक पहुंचने की आसान रेल सुविधा प्राप्त होने लगेगी और भावी पीढ़ी को इसका फायदा महानगरों से सीधे जुड़ने में प्राप्त हो सकेगा।संस्था को रेल मंत्रालय से प्राप्त प्रगति की जानकारी के अनुसार इस रेल लाइन के मार्ग में आने वाली 67 हेक्टेयर वन भूमि हेतु कार्यवाही जारी है तथा भू अधिग्रहण हो जाने पर 2 वर्षों में इस रेल लाइन को पूर्ण किया जा सकता है।छत्तीसगढ़ राज्य सरकार का सहयोग मिलने पर रेल मंत्रालय ने इसे 2024 मे पूर्ण कर प्रारंभ करने का भरोसा दिलाया है।