राजीव लोचन मंदिर में भक्तों की भगवान संग रंगभरी होली.

राजिम – छत्तीसगढ़ के प्रयागराज कहे जाने वाले राजिम के ऐतिहासिक श्री राजीव लोचन मन्दिर में, आज होली का महापर्व आपसी भाईचारे तथा सांस्कृतिक एकता की अप्रितम मिसाल बन गया है। यहाँ आयोजित ‘रंग महोत्सव’ में, भक्ति, प्रेम तथा उमंग का ऐसा संगम दिखा, जहाँ धर्म तथा जाति की दीवारें ढह गईं।

फाग की धुन व गुलाल की चादर:_ प्रभात से ही मन्दिर परिसर में, ग्रामीण अंचलों से आईं फाग मंडलियों का तांता लगा रहा। नगाड़ों तथा झांझ-मंजीरों की गूँज के बीच, पारंपरिक फाग गीतों ने पूरे वातावरण को सराबोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने सर्वप्रथम भगवान श्री राजीव लोचन का भव्य शृंगार किया। उनके चरणों में गुलाल अर्पित किया, जिसके बाद पूरे परिसर में होली का हुड़दंग शुरू हुआ।

*सांप्रदायिक सौहार्द का केंद्र:* इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि मन्दिर प्रांगण में विभिन्न धर्मों के लोग बिना किसी भेदभाव के एक साथ होली खेलते नज़र आए। सामूहिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हर वर्ग की भागीदारी ने यह सन्देश दिया कि त्यौहार एक दूसरे के प्रति संवेदनशील बनना सिखाते हैं।भारी भीड़ के बावजूद सुरक्षा तथा व्यवस्था के बीच भक्तों, लोगों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर, “श्री राजीव लोचन सरकार” के जयकारे लगाए। विधायक राजिम रोहित साहू, राजिम भक्तिन समिति अध्यक्ष लाला साहू भी शामिल हुए व ढोल-नागड़े के साथ भक्तों ने भगवान श्री राजीव लोचन का आशीर्वाद लिया। भक्तों का भगवान से आस्था की होली सचमुच अद्भुत थी!