
सुकमा :- सहायक शिक्षक के 603 और यूडीटी व लेक्चरर के पद को मिलाकर 700 पदों की भर्ती होनी है इसके साथ ही वन विभाग में भी भर्तियां होनी है। इन सभी तृतीय वर्ग व चतुर्थ वर्ग के पदों में लोकल को पहले प्राथमिकता मिलनी चाहिए। स्थानीय भर्ती अगर नहीं होगी तो यहां के युवाओं के साथ नाइंसाफी होगी ये बातें सीपीआई कार्यालय में प्रेसवार्ता करते हुए मनीष कुंजाम ने कहा और प्रेसवार्ता को जारी रखते हुए आगे कहा की इस समस्या को लेकर बस्तर कमिश्नर से भी चर्चा की गई है। उन्होंने कहा, जहां सुकमा जिले में हजारों युवा बेरोजगार हैं, कहा जाएंगे। इसको लेकर 18- 19 और 22 मई को इसका विरोध किया गया। 6 जून से पुनः विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं इसके साथ जगह जगह पर्चे बांट रहे हैं और पोस्टर भी लगा रहे हैं। 13 जून को सुकमा जिला बंद का आह्वान किया जा रहा है साथ ही 15 जून को विशाल सभा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान रामा सोडी, पोडियामी भीमा, राजेश नाग व अन्य मौजूद रहे। पूर्व विधायक मनीष कुंजाम ने कहा कि व्यापम द्वारा शिक्षक सहायक शिक्षक भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया गया है, जिसमे टीईटी, बीएड और डीएड को अनिवार्य किया गया है। ऐसे में योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों का ही इसमें चयन होगा। परन्तु सुकमा जिले में ऐसी योग्यताएं रखने वाले उम्मीदवार नहीं के बराबर है। जिससे यहां के बेरोजगार युवाओं को लाभ नहीं मिलेगा, जिससे टीईटी, बीएड, डीएड,को शिथिल करने की मांग कर रहे हैं। बाहरी व्यक्तिओं को अगर प्राथमिकता दिए जाने से कुछ वर्षों बाद बाहरियों का तबादला किया जाएगा जिससे यहां की शिक्षा में अव्यवस्थाएं की आलम देखा जाएगा। और यहां का युवा बेरोजगार के बेरोजगार ही रह जायेंगे। वही मंत्री कवासी लखमा द्वारा भाजपा पर स्थानीय बोली पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने की निंदा करते हुए कहा कि जिस तरह यहां के लोग चलते फिरते मज़ाक से उपयोग करते भले ही वहां तक समझ आती है। लेकिन जिस तरह पत्रकारों के बीच कैमरे के सामने इस तरह अभद्र टिप्पणी करना इसकी हम निंदा करते हैं।
