भोपाल-अनिल पुरोहित

भोपाल :- मध्यप्रदेश के समाजवादी चिंतक, विचारक मोहन ढाकोनिया ने विगत दिनों माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय समृद्ध और स्वास्थ्य मीडिया विषय पर आयोजन के समापन के दौरान कहा कि माखनलाल चतुर्वेदी परिसर विशाल है और इसकी विश्वसीनयता है और यह प्रतिवर्ष हजारों पत्रकार तैयार कर रहे हैं लेकिन इसके बाद भी आज जो पत्रकारिता में प्रवीण्य होकर वह पत्रकारिता में एंकर बनने और लेखक बनने के प्रयास में रहता है? क्योंकि देश में वर्तमान युग में १९४७ से १९७१ तक पत्रकारों को जो महत्व दिया जाता है वह अब कम हो गया? इसकी वजह यह है कि अब अखबार मालिकों का वर्चस्व हो गया है, जिसकी वजह से अब पत्रकारिता का महत्व कम हो गया है? नहीं तो देश की छोडिय़े मध्यप्रदेश में ही पत्रकारिता की यह स्थिति थी कि अखबार मालिक सड़कों पर घूमा करते थे और उनके संस्थान में कार्य करने वाले सिटी रिपोर्टर अधिकारियों से परिचय करवाकर मालिकों का काम करवाते थे। हमारे इंदौर में ऐसी भी घटना घटित हुई कि नईदुनिया जैसे संस्थान के पत्रकारों की सिफारिश पर वहां का टीआई, एसपी और कलेक्टर जैसे महत्वपूर्ण पदों की पदस्थापना जिले में हुआ करती थी। यहीं नहीं बल्कि राजनीतिक दल के लोग भी इन पत्रकारों की सलाह लेकर लोगों को विधानसभा चुनाव में टिकट दिलाने तक की महत्वपूर्ण भूमिका अदा किया करते थे? लेकिन आज वह समय नहीं रहा, आज अखबार मालिकों का राजनेताओं और अधिकारियों से सीधा संबंंध होने की वजह से पत्रकारिता का महत्व कम हो गया है जिसकी वजह से जनता में भी अब पत्रकारों पर जो विश्वास किया करते थे वह विश्वास भी कम हो गया? कार्यक्रम में स्वास्थ्य और कला साहित्य पर भी कुलपति के. सुरेश ने पत्रकारिता महाविद्यालय द्वारा कोरोना काल के समय में जो महत्वपूर्ण भूमिका अदा की उसका भी उल्लेख किया तथा आलोक मिश्रा ने बड़े ही भावपूर्ण तरीके से स्वास्थ्य समृद्धि विषय पर लोगों को समझाइश दी और यह भी कहा कि आज लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक होने की जरूरत है। इस अवसर पर आईएएस सुनील कुमार ने भी स्वास्थ्य के संबंध में सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश में रिसर्च और लेबोरेटरी की तादाद बढऩे के कारण जनसुविधा वाली दवाओं की कीमत कम हो गई है? इस अवसर पर मप्र शासन के पूर्व डीजीपी एसके राउत ने भी अपने संबोधन में स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरुक रहने की अपील की, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय में विगत तीन दिनों तक स्वास्थ्य, संस्कृति और मीडिया पर काफी विचार मंथन किया गया। इस कार्यक्रम में मप्र के ही नहीं बल्कि देश के अन्य प्रांतों के तमाम स्वास्थ्य विशेषज्ञ और राष्ट्रीय कवियों ने भी भाग लिया।
