
गरियाबंद :- लव जेहाद का तुल पकड़ने से पहले मजदूर की नाबालिग बेटी को बहला फुसला कर अपहरण करने वाले आरोपी को पश्चिम बंगाल से खींच लाई पुलिस। पलायन को मजबूर मजदूर हर साल ठगी, हत्या व दुर्घटना का शिकार होते हैं।बोरे बासी के खाने के आलावा ऐसे मजदूरों को जागरूक व हाथ में काम देने की जरूरत।

देवभोग थाना क्षेत्र में रहने वाले एक मजदूर दंपत्ति 7 माह पहले अपने नाबालिग बेटी के साथ हैदराबाद के बासपानी क्षेत्र के इंदिरा नगर के ईंट भट्ठे में काम करने गए हुए थे। इसी कंपनी में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर थाना के करेंडी गांव का युवक मीर कयाश अली, पिता सोहेल अली उम्र 23 वर्ष भी काम के रहा था।

आरोपी की नियत भांप कर मजदूर दंपत्ति बेटी को चाचा के साथ 28 मार्च को वापस भेज दिया था,बेटी के आते ही आरोपी भी पिछा करते देवभोग पहुंच गया। आते ही बेटी लापता हो गई। सूचना मिलने पर दंपत्ति 30 मार्च को देवभोग पहुंचते ही बेटी के गुम होने के साथ ही आरोपी पर आशंका जाता दिया। पुलिस खोज बिन शुरू कर दिया। आरोपी दीगर समुदाय होने के कारण कुछ संगठन इसे लव जिहाद मान तुल दे रहे थे।

मामला बिगड़ती,उससे पहले ही जिले के पुलिस कप्तान अमित तुका राम कांबले के नेतृत्व में गठित टीम ने आरोपी को मूर्सिदाबाद से गिरफ्तार कर लाई व 29 अप्रैल को जिला जेल दाखिल कर दिया। आरोपी के विरूद्ध पुलिस ने आईपीसी की धारा 363,366,376 व पोक्सो एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया हुआ है। 15 दिन पहले भी टीम एक बार पश्चिम बंगाल गई थी, पहली बार में नाबालिग को वापस लाने को सफलता मिली थी, दूसरे राज्य की पुलिस की मदद नही मिलने के कारण आरोपी फरार होने में कामयाब हो गया था। इस बार छुरा थाना प्रभारी भूषण चंद्राकर के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक विजय मिश्रा, तुलाराम साहू समेत दो आरक्षक को भेजा गया था। एस डी ओ पी अनुज गुप्ता टीम को लगातार गाइड कर रहे थे।आरोपी को पकड़ने आईजी शेख आरिफ हुसैन को मुर्शिदाबाद आईजी से बात कर लाइन अप करना भी पड़ा था। जाते हैं पेट के लिए पर जान जोखिम में पड़ जाता है। देवभोग मैनपुर अनुविभाग क्षेत्र से लगभग 10 हजार मजदूर आंध्र प्रदेश व तेलंगाना के लिए पलायन कर गए हैं। इनमे से आधा स्थाई तौर पर जमे हुए है तो आधे हर साल सितंबर अक्टूबर में पलायन कर जून जुलाई में लौट आते हैं।देवभोग अनुविभाग में 28500 मजदूर परिवार का जॉब कार्ड बना हुआ है, लेकिन इनमे से 24 हजार सक्रिय है, यानी 4 हजार परिवार के 8 हजार श्रमिक का आंकड़ा है जो काम पर आ नही रहे या फिर ज्यादा मजदूरी के लालच में पलायन कर गए है।मैनपुर अनुविभाग में यह आंकड़ा ज्यादा है। पेट के लिए जाने वाले कई लोग प्रति वर्ष अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं। कुछ आंकड़े जो बाहर आ सके है उससे इनकी जोखिमता को समझा जा सकता है। श्रमिको के बुरे हालत के लिए श्रम विभाग भी जिम्मेदार है। जिला मुख्यालय से लगे विकासखंडों में श्रम विभाग की योजनाएं केंद्रित है। दूसरे जगह योजना केवल कागजों में चल रहा है। केस 1 ठगी का शिकार हुए फिर बंधक बनाए गए, 31 जनवरी को देवभोग ब्लॉक के 35 मजदूर परिवार जिनमे बच्चो व महिलाओ की संख्या मिलाकर 100 लोग शामिल थे, वारंगल जिले के एक ईट भट्ठी में बंधक बना लिए गए थे, भूखे प्यासे जूझ रहे परिवार के एक सदस्य ने विडियो भेज के मदद की अपील किया था।इस अपील के बाद जिला प्रशासन की टीम जा कर बंधको को सकुशल छुड़ा लाई थी। इसी साल फरवरी में बाड़ीगांव व भरूवामूड़ा के 25 मजदूर तेलंगाना के करीम नगर के ईंट भट्ठे में बंधक बनाए गए थे। दोनो केस में ओडिसा के मजदूर दलाल भट्ठे मालिक से ज्यादा रकम एडवांस के रूप में लिए, जिसके बदले बगैर पैसे के मजदूरों से काम लेने के साथ साथ जानवरो जैसा सलूक करने का मामला सामने आया था। केस 2 हत्या का संदेह पर मदद नही मिला इंदागांव में रहने वाला 20 वर्षीय धर्मेंद्र नागेश मजदूर भद्राचलम के पनकोटा के ईंट भट्ठे में काम कर रहा था, 8 मई 2022 को अपने परिवार से फोन में बात कर सप्ताह भर के भीतर कमाए हुए पैसे लौट कर आने की बात कहा था। आधे घंटे बाद उसकी मौत की खबर भट्ठी मालिक ने दिया। पिता अभिराम मदद की गुहार लगाता रहा, नही मिली मदद, ओडिसा के ठेकेदार के साथ अक्टूबर 2020 में झरगाव 30 वर्षीय नूनकरन पाथर एम मजदूरी करने के लिए चेन्नई निकला था, रास्ते में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। केस 3 हिंसा के भी शिकार हुए
झरगाव में रहने वाला अनंत राम पिता मोहन उम्र 20 वर्ष चेन्नई के एक ईट भट्ठे में 3 माह पहले काम करने गया था, 8 अप्रैल 2023 को भाषा विरोधी हिंसा का शिकार हो गया। जरूरी सामान खरीदी करने बाजार गया तो स्थानीय लोगो ने बेदम पिटाई किया, इलाज के दरम्यान उसकी मौत हो गई।
प्रतीक प्रधान जनपद सीईओ देवभोग-मनरेगा योजना के तहत पर्याप्त रोजगार दिया गया है, मांगो पर लगातार रोजगार सृजन किए जा रहे। बेरोजगारी भत्ता के लिए अब तक 115 आवेदन स्वीकृति मिल गई है।जागरूकता अभियान भी चलाएंगे।
