धमतरी जिले के 3 अलग-अलग रेंज में फिर करीब 35 हाथी विचरण कर रहे हैं।

 

नगरी :- 32 हाथियों का सिकासेर दल गरियाबंद के तोरेंगा रेंज से लौटकर धमतरी के सीतानदी रेंज में पहुंच गया। वहीं इसी दल के एक दंतैल समेत 2 हाथी दुगली रेंज के चारगांव मेन रेड पर विचरण करते सुबह 10 बजे नजर आए। इस दौरान हाथियों की निगरानी कर रहे वन विभाग के ट्रैकिंग दल को एक हथिनी ने दौड़ाया। सड़क किनारे खड़ी बाइक को कुचल दिया। इधर मार्च के पहले सप्ताह में 2 लोगों की जान लेने वाला एक दंतैल केरेगांव रेंज में विचरण कर रहा है। वन विभाग ने करीब 20 गांवों में अलर्ट जारी किया है।अलर्ट गांव: बासीन, अर्जुनी, गाताभरी, करका, बेलरबाहरा, बरपदर, सोभा, पेंड्रा, करेली, तुमरीबहार। 1 दंतैल हाथी 20 गांवों में अलर्ट जारी: जिले में 35 हाथी घूम रहे 3 रेंज में महुआ बीनने पर रोक सिकासेर दल के 32 हाथी महुए की गंध से लौटे, एक हथिनी ने वनकर्मियों को दौड़ाया , हाथियों की संख्या विचरण क्षेत्र प्रभावित गांव सिकासेर से दल 32 हाथी अलर्ट गांव- बांसपारा, बनरौद, मारदापोटी, बांसपारा, माकरदोना, गेदरापारा, उरपुटी व धमतरी रेंज। सिकासेर दल- 2 हाथी अलर्ट गांव-चारगांव, जबर्रा, खरखा, गजकन्हार, तुमबाहरा। लोगों के मन में उठ रहे हैं कई सवाल आखिर इस हाथी के दलों को दूसरे जंगल में नहीं ले जाया जा सकता है क्या जिससे जंगल के अंदर में बसे जंगल वासी चैन की सांस ले सकें कब तक हाथियों के पैरों में कुचलते रहेंगे इस क्षेत्र के वासी या फिर हाथियों को इस क्षेत्र में रखने के पीछे कोई बड़ी वजह तो नहीं टाइगर रिजर्व के नाम पर जैसे जंगल को आरक्षित किया गया उसी तरह हाथी भी जगह के नाम से कहीं कुछ जंगलों को आरक्षित नहीं किया जाएगा।