बालिका संतान वाले स्वास्थ्य कर्मी महिला दिवस पर होंगे सम्मानित – पीसीपीएऩडीटी एक्ट के तहत स्वास्थ्य कर्मियों में एनएनएम और स्टाफ नर्स भी शामिल रायपुर,।, प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 08 मार्च को मनाया जाएगा। इस बार की खासियत यह है कि गर्ल चाइल्ड (बालिका संतान) को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रायपुर जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मियों (जो शहरी क्षेत्र या स्वास्थ्य केन्द्रों में पदस्थापित हैं) जिनकी संतान यदि बेटी है, तो उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा I उक्त संबंध में निर्देश विगत दिनों सीएमएचओ कार्यालय रायपुर से सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्य केन्द्र प्रबंधकों को भेज दी गई है I सीएमएचओ रायपुर डॉ. मीरा बघेल ने बताया हमारा समाज जितना भी जागरूक हो जाए, लेकिन आज भी महिलाएं अपने सम्मान के हक की लड़ाईयां लड़ते हुए नजर आती हैं। खासकर जिनकी संतान सिर्फ बालिका है, उनके प्रति समाज की सोच अलग होती है I यहां तक की गर्भ में यदि लड़की है यह जानकर लोग गर्भपात तक करवा देते हैं I इसे रोकने के लिए पीएनडीटी एक्ट भी लागू किया गया है। इसी के मद्देनजर महिलाओ को लेकर समाज के लोगों को जागरूक करने, महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और बालिका संतान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर उन स्वास्थ्य कर्मियों जिनकी एक या दो केवल बालिका संतान हैं, ऐसे स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष रुप से सम्मानित किया जाएगा। उक्त आयोजन शहीद स्मारक भवन में आयोजित होगा। मेरी बेटी मेरी शान के तहत आयोजित होगा कार्यक्रम – समाज में महिलाओं को बराबरी का हक मिलेगा, वो सम्मान से समाज में रह पाएंगी, तभी तो हमारा समाज एक सभ्य समाज कहलाएगा यानि “:मेरी बेटी मेरी शान” के तहत महिला दिवस पर विविध कार्यक्रम एवं प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिसमें मेंहदी, रंगोली, साज सज्जा, सजावट, ड्रेसिंग आदि मुख्य हैं। सीएमएचओ कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस दौरान लगभग 200 से अधिक ऐसे स्वास्थ्य कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा जिनकी सिर्फ बालिका संतान हैं। सेफ डिलीवरी ऐप के चैंपियन होगें पुरस्कृत- जिले में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी को देखते हुए “सेफ डिलीवरी ऐप” एक मॉड्यूल तैयार किया गया है, जिसमें शत प्रतिशत सुरक्षित डिलीवरी हो इसके लिए कई जानकारियां स्वास्थ्य कर्मियों ( डिलीवरी स्टाफ) को ऐप के जरिए दी जाती हैं। इन्हीं ऐप के जरिए बेहतर प्रदर्शन करने वाले सेफ डिलीवरी ऐप चैंम्पियनों को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम के दौरान ही पुरस्कृत भी किया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस ऐसे हुई शुरुआत – साल 1908 में एक मजदूर आंदोलन के बाद ही अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की शुरुआत हुई थी, क्योंकि काफी संख्या में महिलाओं ने न्यूयॉर्क में इस बात को लेकर मार्च निकाला था कि उनकी नौकरी के घंटे कम किए जाए और साथ ही उनका वेतनमान भी बढ़ाया जाए। महिलाओं के इस आंदोलन को सफलता मिली, और एक साल बाद ही सोशलिस्ट पार्टी ऑफ अमेरिका ने इस दिन को राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित कर दिया, जिसके बाद इसकी शुरुआत हो गई।