पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में डीआरजी कमांडर समेत तीन जवान शहीद।

सुकमा :- जिले के जगरगुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत जगरगुंडा और कुन्देड़ के मध्य नक्सलियों ने शनिवार को सुबह के तकरीबन 8:30 बजे नक्सल गस्त पर निकले जवानों पर एम्बुश लगाकर हमला कर दिया जिसमें 3 जवान शहीद हो गए वहीं पुलिस ने 6 से 7 नक्सली को मार गिराने का दावा पुलिस ने किया है। इसके साथ ही स्थानीय सूत्रों से नक्सलियों द्वारा एके 47, 51 एमएम मोर्टार और वायरसलेस सेट साथ लेकर भागने की जानकारी भी मिली। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शहीदों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि जवानों की शहादत व्यर्थ नही जाएगी। मिली जानकारी अनुसार शनिवार को सुबह के 8 बजे के बाद नक्सल गस्त के लिए जगरगुंडा से दो डीआरजी की टीम रवाना हुई थी। जगरगुंडा से लगभग 1500 मीटर दूरी पर पहले से घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने डीआरजी के जवानों पर हमला कर दिया। जवानों ने भी नक्सलियों द्वारा किए अचानक हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया। लगभग एक घंटे तक जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चला जिसमे 3 जवान डीआरजी कमांडर एएसआई रामूराम नाग, असिस्टेंट कॉन्स्टेबल कुंजाम जोगा और एक सैनिक वंजाम भीमा शहीद हो गए। वहीं पुलिस ने इस मुठभेड़ में 6 से 7 नक्सलियों को मार गिराने का दावा किया है। शहीद जवानों के शव को जगरगुंडा थाना लाया गया। चूंकि दो शहीद जवान जगरगुंडा के स्थानीय थे जिसके कारण पूरे गांव में मातम छा गया है।

रिएनफोर्समेंट टीम ने संभाला मोर्चा-

वहीं स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार शनिवार को जगरगुंडा से पांच डीआरजी की टीम दो टुकड़ी में अलग अलग दिशा में रवाना हुई थी। जिसमे तीन डीआरजी की संयुक्त टीम कामाराम के लिए रवाना हुआ तो वहीं दो डीआरजी की टीम कुन्देड़ की ओर रवाना हुआ। इस दौरान कुन्देड़ जा रही टीम पर नक्सलियों ने एम्बुश लगाकर जगरगुंडा से 1.5 किलोमीटर दूर बाइक से निकले जवानों पर ताबड़तोड़ फायरिंग करने शुरू कर दिया। जिसमे डीआरजी कमांडर एएसआई रामूराम नाग को हांथ में गोली लगने से वे बाइक से गिर गए और नक्सलियों गोलियों के चपेट में आ गए। करीब एक को 5 से 6 गोली लग गई। जिसके बाद नक्सलियों ने उन्हें उठने का मौका नही दिया। जिससे वे मौके पर ही शहीद हो गए। नक्सलियों के अंधाधुंध फायरिंग में कुंजाम जोगा, वंजाम भीमा भी गंभीर रूप से घायल हो गए थे जो कि कुछ समय पश्चात शहीद हो गए। वहीं फायरिंग की आवाज सुन कामाराम की ओर निकली टीम भी कुन्देड़ की ओर बैक अप के रूप में पहुंची। जिसके बाद डीआरजी जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली मौके से भाग निकले। जिसके बाद शहीद जवानों के पार्थिव शरीर समेत सभी जवान जगरगुंडा थाना लेकर पहुंचे।

जगरगुंडा का रहने वाले थे दो जवान तो एक जवान था चिंतलनार का-

शनिवार को शहीद हुए जवान रामूराम नाग जो कि जगरगुंडा के रहने वाले थे उनका एक 11 वर्ष का बेटा और पत्नी है जो कि दोरनापाल में रहते हैं। वहीं मिटागुड़ा के रहने वाले कुंजाम जोगा की पत्नी के अलावा पांच छोटे छोटे बच्चे है। जिनके सर पर अब पिता का साया अब नही रहा। वहीं मरकागुड़ा के शहीद वंजाम भीमा की पत्नी है, स्थानीय लोगों ने बताया कि वंजाम भीमा के पिता को भी दो वर्ष पूर्व नक्सलियों ने हत्या कर दी थी। इस घटना से बाद के इलाके में मातम का मंजर रहा। क्योंकि तीनों शहीद जवान स्थानीय थे।

5 से 6 नक्सली को हुआ नुकसान :आईजी

बस्तर आईजी पी सुंदरराज ने कहा कि नक्सल गस्त अभियान और सड़क सुरक्षा के लिए जगरगुंडा से जवान निकले थे कि लगभग 9 बजे नक्सलियों ने जवानों पर हमला कर दिया जिसके अतिरिक्त फ़ोर्स रवाना हुए। मुठभेड़ के दौरान तीन डीआरजी जवान शहीद गोली लगने से शहीद हो गए। वहीं 5 से 6 नक्सलियों को नुकसान पहुचने की जानकारी है, पुलिस पार्टी इलाके की सर्चिंग कर रही है।