मुड़ागांव (कोरासी)-सृष्टि के सृजनहार निराकार प्रकाश स्वरूप परमपिता शिव परमात्मा जो सर्व धर्म आत्माओं के भी पारलौकिक पिता हैं, उनका अलौकिक एवं दिव्य अवतरण दिवस, पावन पुण्य महाशिवरात्रि पर्व कहलाता है। आज संपूर्ण मानव जगत अज्ञानता के घोर अंधेरे में आशीर्वाद एवं कृपा के लिए दर दर की ठोकर खाते हुए भटक रहा है। चमत्कार की आशा लिए इंसान अंधश्रद्धा एवं कुरीतियों में पड़कर, शिव भोले भंडारी, कल्याणकारी पारलौकिक पिता परमात्मा से दूर होता चला गया है। यह उदगार सर्व आदिवासी समाज के प्रांतीय उपाध्यक्ष तथा जनपद पंचायत छुरा के जनपद सदस्य नीलकंठ सिंह ठाकुर ने ओम शांति भवन रानीपरतेवा में महाशिवरात्रि महापर्व के पूर्व संध्या पर आयोजित, 87 वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव के अवसर पर दिए। उन्होंने शिव परमात्मा और शंकर देवता के अंतर को स्पष्ट करते हुए कहा- शंकर जी को तपस्वी आकारी शरीरधारी दिखाया जाता है और शिव को अशरीरी निराकार प्रकाश स्वरूप। शंकर जी को शिवलिंग के सामने ध्यान में बैठा हुआ दिखाते हैं इसलिए शंकर को देवताए नमः कहा जाता है जबकि शिव को परमात्माए नम: कहा जाता है। शिवलिंग की मूर्ति प्रकृति और प्रकृतिपति शिव परमात्मा का यादगार रूप है कहा।वही राजयोगी ब्रह्माकुमार श्रवण भाई ने कहा- ज्योति बिंदु स्वरूप परमपिता परमात्मा शिव बाबा को इस धरा पर अवतरित हुए 87 वर्ष हो चुके हैं और विश्व की सर्व मनुष्य आत्माओं को लुप्त हो चुकी ईश्वरीय ज्ञान और राजयोग की शिक्षा देकर दैवी संस्कृति की पुनर्स्थापना का दिव्य कार्य कर रहे हैं।वर्तमान का समय कलयुग का अंत और सतयुग के प्रारंभ के पूर्व का है, जो कि पुरुषोत्तम संगम युग कहलाता है, यह वह सर्वोत्तम समय है जबकि साधारण मनुष्य परमात्मा शिव जी द्वारा दिए जा रहे इस ईश्वरीय ज्ञान को धारण कर अपनी वर्तमान जीवन को सुख शांतिमय बनाकर सुखी जीवन जीते हैं। और निकट भविष्य में कलियुग महाविनाश के पश्चात् आने वाले नवयुग में नर से श्रीनारायण और नारी से श्रीलक्ष्मी पद की प्राप्ति सहज रूप में कर सकते हैं। महाशिवरात्रि पर्व परमात्मा शिव जी के दिव्य अवतरण का पावन यादगार महापर्व है।उक्त अवसर पर छुरा परिक्षेत्र के निषाद समाज के उपाध्यक्ष एवं ग्राम पटेल साधु राम निषाद ने भी अपने विचार व्यक्त किए। ओम शांति भवन की मुख्य सेवाधारी बहनें ब्रह्माकुमारी वंदना बहन, ब्रह्माकुमारी कुंज बहन तथा ब्रम्हाकुमारी नंदनी बहन ने परमात्मा शिव बाबा का आह्वान कर, शिव बाबा को भोग स्वीकार कराये। उक्त कार्यक्रम में रानीपरतेवा के ग्राम समिति के अध्यक्ष कन्हैया निषाद। पूर्व उपसरपंच धनसाय निषाद। फुलसिंग निषाद। मधुसुदन साहू। ग्राम कसेकेरा के वरिष्ठ नागरिक रामभरोसा नेताम तथा ग्राम पटेल बलदाऊ राम नेताम।छुरा से पुष्पा ध्रुव,प्शांत सोने ध्रुव टेंगनाबासा ग्राम फिंगेश्वरी के ब्रह्मा कुमारीज संस्था के सभी अनुयायी। अकलवारा, मैनपुर, गरियाबंद, छुरा के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामवासी सम्मिलित हुए। कार्यक्रम के पश्चात भोग प्रसाद टोली का वितरण किया गया।
शंकर देवताय नम:लेकिन शिव को परमात्मा नम:कहा जाता है -नीलकंठ भाई।
