धवलपुर की पहाड़ी इलाके जंगल इन दिनों आगजनी के चपेट में।

मैनपुर :- गरियाबंद वन मंडल के वन परीक्षेत्र धवलपुर वन परिक्षेत्र के पहाड़ी इलाके के जंगल क्षेत्र गर्मी के शुरुआत में ही इन दिनों आंग के लपटों से घिरा हुआ है शाम होते ही मैनपुर गरियाबंद नेशनल हाईवे मार्ग 130 सी पहाड़ी के ऊपर आग लगे दिखाई दे रहा है और आग के धुआं नेशनल हाईवे मार्ग सहित चारों तरफ फैला हुआ है लेकिन आग को बुझाने वन विभाग के स्थानीय अधिकारी कर्मचारी गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं यहां तक की वन विभाग के अफसर को आग लगने की खबर भी नहीं है लेकिन वन विभाग के प्रदेश स्तर के अफसरों सेटेलाइट के माध्यम से आग लगने की जानकारी भी मील रही है और उनके द्वारा धवलपूर जंगल के जंरन्डी ,मोहदा क्षेत्र के पहाड़ी इलाके के जंगल में मंगलवार रात 8 बजे आग लगने की पुष्टि भी किया गया है। धवलपूर वन परिक्षेत्र के पहाडी ईलाके व ओडिसा सीमा से लगे जंगल क्षेत्रो में इन दिनों आग लगने की सिलसिला लगातार जारी है, लेकिन विभाग के जिम्मेदार स्थानीय अधिकारी और कर्मचारी बेखबर है, जबकि नेशनल हाईवे 130 सी धवलपूर गांव से परिक्षेत्र के पहाडी जंगल ईलाकों में लगे आग दिखाई दे रहा है, आग के लपटे रात को काफी दुर तक दिख रहा है इस सबंध में जब वन विभाग के स्थानीय परिक्षेत्र अधिकारी से जानकारी चाही गई तो उन्होने पहाडी क्षेत्र में आग लगने की खबर से अनभिग्यता जाहिर किया साथ ही कहा कि तत्काल स्थानीय अमला को भेज रहा हॅू वन परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया कि तीन दिन पहले पहाड़ी क्षेत्र में आग लगने की जानकारी लगी थी जिसे बुझा लिया गया था जबकि ग्रामीण सूत्र बताते है कि धवलपूर परिक्षेत्र के पहाड़ी से लगे जंगल क्षेत्रो में एक दफे आग लगकर बुझ चुकी है राख स्वंय गवाही दे रही है,अब तक वन अमले को जंगल क्षेत्रों में लगी आग के बुझाने में पुरी तरह सफलता नही मिल पाई है हालाकि कुछ स्थानो पर लगी आग को वनविभाग ने बुझाया भी है लेकिन गर्मी के शुरुआत दिनों में आगजनी की घटना लगातार बढ़ती जाती है, वन प्रशासन द्वारा जंगलो को आग से बचाने के लिए की माकुल तैयारियां की जाती है और समय समय पर इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है लेकिन जंगलो में लगी आग से विभाग के सारे सुरक्षा के दावे की पोल खोलकर रख दी हैं, वही वन्य प्राणी आग से अपने आप को बचाने जंगल से बाहर गांव की ओर भाग रहे है, इससे खुद जंगली जानवर तो खतरे मे है ही ग्रामीणो को भी उनके हमले की आंशका है, वन प्रशासन द्वारा आग रोकने कोई ठोस पहल नही की जा रही है, इन हालात में पशुओ के शिकार और उनके मारे जाने की आंशका बढ गई है। वन परिक्षेत्र अधिकारी धवलपूर के मरकाम ने बताया कि जंगल को आग से बचाने के लिए फायर वाचर की नियुक्ति किया गया है, एक सप्ताह पहले क्षेत्र में आग लगने की जानकारी मिली थी, लेकिन तत्काल आग पर काबू पा लिया गया था, यदि पहाडी क्षेत्र में आग लगी है। तो तत्काल अपने कर्मचारियाें को भेंज रहा हॅू आग बुझा लिया जायेगा।