एस के मिनोचा:

चिरमिरी:- प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखने वाले श्री जगन्नाथ मंदिर में महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर संत श्री नागा बाबा महंत पुरुषोत्तम पुरी महाराज के सानिध्य में श्री श्री रुद्र महायज्ञ अखंड हरिकीर्तन 24 प्रहर आगामी 17 से 21 फरवरी तक आयोजित होगा |
जगन्नाथ सेवा संघ द्वारा कार्यक्रम की भव्यता हेतु क्षेत्र के जनप्रतिनिधि,एसईसीएल के अधिकारियों सहित मीडिया कर्मियों की एक बैठक मंदिर प्रांगण में आयोजित कर सुझाव लिए गए। बैठक में वर्तमान विधायक डॉ विनय जायसवाल, पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल सहित जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जगन्नाथ सेवा समिति के सदस्यों ने बताया कि एनसीपीएच निवासी एच के मिश्रा ने मंदिर निर्माण हेतु प्रयास किया था। चार दशक पूर्व चीता झोर पोड़ी के पहाड़ पर मंदिर बनना प्रारंभ किया गया। मंदिर को पुरी के जगन्नाथ मंदिर का स्वरूप प्रदान करने के लिये उड़ीसा से आये कारीगरों ने काम किया। तत्कालीन महंत स्वर्गीय कल्पतरु महाराज के देखरेख में मंदिर का कार्य पूरा हुआ जो आज विशाल एवं विख्यात रूप धारण किये हुआ है। जगन्नाथ सेवा संघ के अध्यक्ष नारायण नाहक एवं सलाहकार समिति सदस्य कीर्ति बासु रावल ने संयुक्त रूप से बताया कि जगन्नाथपुरी के बाद चिरमिरी में विशाल मंदिर स्थापित है। मंदिर में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा एवं बलभद्र जी की मूर्ति उसी लकड़ी से बनाई गई है जिसका उपयोग पुरी के जगन्नाथ मंदिर में किया जाता है। रंग रोगन भी बृहस्पति रंग से कराई गई। मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि बीते 3 वर्षों से कोरोना के दौरान महाशिवरात्रि पर्व पर भव्य आयोजन नहीं किया जाता रहा। इस वर्ष पुनःभव्य आयोजन किया जा रहा है जिसके तहत 17 फरवरी को अंकुराप्रण एवं अधिवास क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक नवनीत श्रीवास्तव की उपस्थिति में तथा 18 फरवरी से 21 फरवरी तक अखंड हरिकीर्तन 24 प्रहर का शुभारंभ क्षेत्रीय विधायक,पूर्व विधायक एवं महापौर की उपस्थिति में किया जाएगा। बैठक में पूर्व विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने चिरमिरी में भी जगन्नाथ महोत्सव कराये जाने की मांग उठाई जिसके लिए वर्तमान विधायक डॉक्टर विनय जायसवाल ने कहा कि प्रगति निरंतर प्रक्रिया है। क्षेत्र के प्रगति के लिए हर संभव प्रयास करूंगा। पूर्व विधायक श्याम बिहारी ने कहा कि चिरमिरी की वैभवता सभी जनप्रतिनिधियों का धेय्य होना चाहिए कि जगन्नाथ मंदिर एवं अन्य धार्मिक स्थलों को पर्यटन के दृष्टिकोण से जोड़कर प्रयास किया जाए तो क्षेत्र में स्थायित्व एवं विकास संभव होगा।
अन्य वक्ताओं ने कहा कि भव्यता धारण किये जगन्नाथ मंदिर के लिये हम सबको दायित्व निभाने का समय आ गया है| इस दौरान जगन्नाथ सेवा संघ के सचिव भगवान नायक, कोषाध्यक्ष गवई शासमल, निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष सिंह, पार्षद बीरबल, बबलू डे, प्रशांत त्रिपाठी, पूर्व महापौर बेहरा,जग बंधु कुटिया सहित सेवा समिति के अन्य सदस्य गण एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
