पुलिस ज्यादती के चलते लाखों श्रद्धालुओं की संख्या हजारों में सिमटी।

राजिम  :- राजिम माघी पूर्णिमा रविवार से प्रारंभ हो गया मगर प्रतिवर्ष की तरह इस बार भी मेला पुलिस ज्यादती का शिकार हो गया। प्रातः श्रद्धालु पुन्नी स्नान कर जब  कुलेश्वर महादेव मंदिर जाने लगे पुलिस ने उन्हें रोकना शुरू कर दिया तब श्रद्धालुओं ने नदी में रेत का शिवलिंग बनाकर पूजा अर्चना की। वहां से श्रद्धालु भगवान श्री राजीव लोचन के दर्शनार्थ पहुंचे तो वहां भी पुलिस ने श्रद्धालुओं को रोकना प्रारंभ कर दिया।तब एक पत्रकार ने पुलिस से कहा कि अन्दर दर्शन करने वाले पांच छ: लोग ही हैं उन्हें क्यों रोक रहे हो इस पर पुलिस उक्त पत्रकार के उपर भड़क गया और थर्ड डिग्री में बात करने लगा। पुलिस की तानाशाही यहीं नहीं रुकीं शाम मुख्य मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम क्रम शुभारंभ के लिए जब मंच की ओर  पत्रकारों का दल  समाचार कवरेज हेतु आने लगे तो पुलिस ने उन्हें भी रोकना शुरू कर दिया।।जब पत्रकारों ने पास दिखाया तो पुलिस ने पास देखने से मना कर दिया।जब पत्रकारों ने कहा कि एसडीएम का पास में हस्ताक्षर हैं तो उन्होंने कहा कि अगर कलेक्टर का भी हस्ताक्षर होगा तो भी नहीं जाने देंगे। यही नहीं पुलिस द्वारा पैदल आ रहे श्रद्धालुओं को मंचीय कार्यक्रम देखने जाने से रोका गया ।इस पर श्रद्धालु पुलिस को कोसते हुए वापस चले गए। पुलिस की इस ज्यादती को देखते हुए मंच के सामने दर्शक दीर्घा मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान खाली रहा। दर्शक दीर्घा में सिर्फ पत्रकार, अधिकारी, कुछ दर्शक और पुलिस नज़र आ रहे थे। पुलिस की इस ज्यादती के चलते मेला में श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़।