गरियाबंद जिला में अफसर शाही हावी नियमो की हो रही है अनदेखी
क्षेत्रीय विधायक ने कार्यवाही नही होने पर सड़क की लड़ाई लड़ने कलेक्टर को दिया आवेदन

यामिनी चन्द्राकर ब्यूरोचीफ खबर गंगा गरियाबंद
गरियाबंद :::देवभोग में तेल नदी के पुरनापानी रेत घाट में खदान संचालको द्वारा जम कर मनमानी किया जा रहा है।नेशनल ग्रीन ट्यूबलर के मापदंडों के अलावा रायल्टी में भी चोरी कर शाषन को जम कर चुना लगाया जा रहा है।मनमानी से परिवान करने वाले ट्रेक्टर मालिक व कंस्ट्रक्शन ठेकेदारों ने इसकी शिकायत क्षेत्रिय विधायक डमरूधर पूजारी से किया था।11 जनवरी को पुजारी ने बिंदुवार मामले की शिकायत कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर से किया था।पर अब तक मामले में न जांच हुई न कोई कार्यवाही।मनमानी जारी देख दो दिन पहले विधायक ने दोबारा कलेक्टर से कार्यवाही के लिए कहा,इस बार जांच टिक गठित होने का हवाला दिया गया।विधायक पुजारी ने कहा कि महीने लाखो रुपये की उगाही खदान से हो रही ,जिसका बंदरबांट का हिस्सा तहसील से लेकर कलेक्टोरेट तक पहूच रहा है।इसलिए जांच में आने से पहले, अफ़सर ठेकेदार को भूल सुधारने का पर्याप्त अवसर दे रहे है।प्रसाशन के उदासीन रवैया से खफा विधायक पुजारी ने कहा की सप्ताह भर के भीतर ठोस कार्यवाही नही हुई तो,परिवहन कर्ता व अन्य पीड़ित लोगों के साथ बीच सड़क पर धरने में बैठ जाऊंगा।पुजारी ने यह तक कह दिया कि एनजीटी उल्लंघन का मामला दिल्ली तक अवगत कराऊंगा।पुजारी ने बताया कि यंहा दो तीन अन्य घाटों में भी खदान की सम्भावना है,खुलने से मोनोपली खत्म होगा।राजस्व बढ़ेगा ओर लोगो को सुविधा भी मिलेगी।लेकिन अवैधानिक तरीके से मोटी कमाई देने वाले इस खदान से विभाग का मोहभंग नही होने का आरोप भी विधायक ने कहा है।मामले में माइनिंग के जिला अधिकारी फागुलाल नागेश ने जल्द ही जांच करने की बात कही है।
रायल्टी की 500 की एक पर्ची,दिन भर के लिए
विधायक पुजारी ने शिकायत पत्र में बताया है कि इस खदान में 500 रुपये की एक रायल्टी पर्ची पहली ट्रिप में काटी जाती है,उसके बाद के हर ट्रिप के लिए 300 रुपये की उगाही ठेकेदार करता है।रायल्टी में लोडिंग कराने का प्रावधान है पर परिवहन कर्ता को स्वयम के हमालों से लोड कराना होता है।
एन जी टी के नियमो का भी पालन नही
शिकायत में बताया गया है कि खदान संचालन के लिए एनजीटी के नियमो का पालन अनिवार्य है,पर इस खदान में सड़क,पौधे व सीसी कैमरे जैसे जरूरी चीजें नही लगाई गई है।पालन नही करने के वजह से दूसरे सत्र में लीज का ऑर्डर विभाग ने रोक दिया था,पर मिलीभगत कर दोबारा जारी कर दिया गया।
मीडिया के पड़ताल में,शिकायत सही मिला-नाराज विधायक के धरने में बैठने के एलान के बाद मीडिया ने खदान पर जा कर सच्चाई की पड़ताल किया।सड़क पौधे व सीसी कैमरे नही थे,रेट लिस्ट टांगने की तैयारी ठेकेदार कर रहा था।घांट में दर्जनों ट्रेक्टर अपने ही हमालों से रेत लोड करा रहे थे,इन्ही में से एक शरदापुर से आये ट्रेक्टर चालक देवप्रकाश मांझी मजदूर का काम भी करते दिखा,पूछने पर बताया कि पहली ट्रिप का 500 देता है,दिन भर में उनके दो ट्रेक्टर 5-5 ट्रिप रेत परिवहन करते है,दूसरे बार से सभी ट्रिप का 300-300 ठेकेदार को देते है।
खदान में लगी भीड़ से रोजाना 150 ट्रिप रेत परिवहन होने का अनुमान है,जबकि रायल्टी महज 30 से 40 ट्रेक्टरों का ही काटा जाता है।
