ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा के सरपंच एवं ग्राम विकास समिति के पदाधिकारियों पर अवमानना का मामला दर्ज…

गरियाबंद जिला के राजिम तहसील अंतर्गत ग्राम सुरसाबांधा में ग्राम पंचायत एवं ग्रामसभा के पदाधिकारियों द्वारा 27 परिवारों के तैयार खरीफ धान फसल को काटकर जब्ती बनाया था जबकि गांव के ही सरपंच, उपसरपंच, कोटवार एवं फसल जब्त करने वाले अन्य व्यक्तियों द्वारा खुद ही शासकीय घास भूमि में कब्जा कर धान फसल बोया गया जिसे स्वयं काटकर अपने अपने घर ले गए और पीड़ित 27 लोगों का फसल काटकर जब्त कर लिया।
जिससे छुब्ध होकर पीड़ित परमानंद साहू ग्राम सुरसाबाँधा एवं अन्य ओर से अधिवक्ता साहू के माध्यम से माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर छत्तीसगढ़ के समक्ष दिनांक 5/11/2020 को याचिका क्रमांक 2630/2020 प्रस्तुत किया गया था।

याचिका पर सुनवाई करते हुए माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर ने जी डी वाहिले अनुविभागीय अधिकारी (रा) जिला गरियाबंद, अंकुर रात्रे नायब तहसीलदार, तहसील राजिम जिला गरियाबंद, सुशील कुमार साहू पटवारी ह. न. 31 ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा, आर के साहू निरीक्षक थाना राजिम, श्रीमती भोज बाई टांडिया सरपंच ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा, प्रताप साहू अध्यक्ष ग्राम सभा ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा, अधारी राम साहू उपाध्यक्ष ग्रामसभा ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा, अनिल टांडिया ग्राम कोटवार ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा, मदन राम ग्राम कोटवार ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा, श्रीमती गंगा बाई साहू पंच ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा, श्रीमती दुखिननबाई साहू पति मेहत्तर साहू महिला अध्यक्ष ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा, श्रीमती दुखिन बाई साहू पति दानी साहू महिला सदस्य ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा, श्रीमती बिसनी बाई साहू पति गज्जू साहू महिला सदस्य ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा, श्रीमती मान बाई साहू पति चोखेलाल साहू पंच ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा, श्रीमती दुलेश्वरी साहू पति बहुर साहू पंच ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा, श्रीमती रेखा बाई साहू पति तोरण साहू पंच ग्राम पंचायत सुरसाबाँधा, सेवाराम साहू, बृजभूषण साहू दोनों ग्रामवासी सुरसाबाँधा के विरुद्ध न्यायालय की अवमानना का नोटिस जारी किया है।

गौरतलब है कि नायब तहसीलदार राजिम के समक्ष 11 जून 2018 को वर्तमान हल्का पटवारी सुशील कुमार साहू ने पटवारी प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए ग्राम के कुल 71 रकबा के शासकीय घास भूमि में अवैध कब्जा किये जाने की जानकारी दिया था। इनमें से 10 खसरा नंबर में पीड़ित व्यक्तियों द्वारा करीब 35 सालों से कब्जा कर फसल बोकर अपने परिवार का भरण पोषण किया जा रहा है। इसी प्रकार बाकी 61 खसरा नंबर में ग्राम के कोटवार, सरपंच, उपसरपंच सहित पंचायत के अन्य व्यक्तियों द्वारा भी कब्जा किया गया है लेकिन केवल पीड़ित परिवारों को बेदखल करने उनकी खरीफ फसल को जब्त किया गया और वर्तमान में रबी फसल हेतु बिजली देने के लिए मना करते हुए बिजली विभाग राजिम के अधिकारी को सरपंच द्वारा पत्र दिया गया। 14 अक्टूबर 2020 को 27 कब्जाधारी किसानों का राजिम तहसील में पेशी था जहाँ उन्होंने अपना जबाव पेश किया था। दूसरे दिन बिना कोई आदेश के पंचायत द्वारा फसल जब्ती की कार्यवाही शुरू की गई इस दौरान किसानों ने माननीय उच्च न्यायालय से प्राप्त स्थगन आदेश दिनांक 20/08/2020 की छाया प्रति ग्राम पंचायत को दिया था जिसे फर्जी कहकर पंचायत द्वारा मानने से इनकार कर दिया गया। ग्राम पंचायत और ग्राम सभा के सदस्यों ने माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर के स्थगन आदेश को मानने से इनकार किया ही साथ ही साथ राजस्व विभाग के अधिकारियों ने भी आदेश मानने से इनकार कर दिया था इसलिए माननीय उच्च न्यायालय ने अवमानना माना है।