मजदूरी करके लौट रहे युवक को कार ने मारी ठोकर, छः दिनों से ICU में जिंदगी और मौत से जूझ रहे युवक के परिजनो के समक्ष अर्थिक संकट, सरकार की मदद की दरकार…

राजशेखर नायर, घायल युवक मजदूरी करके परिवार का करता था भरण पोषण आर्थिक तौर पर बेहद कमजोर इस परिवार के चिराग चिराग को 15 जनवरी की शाम एक कार ने ठोकर मार कर जिंदगी और मौत के बीच लटका दिया. नगरी के ग्राम बोडरा निवासी युवक मजदुरी कर 15 जनवरी की शाम 6 बजे के आस-पास ,सायकल चलाकर धर वापस लौट रहा था।

रास्ते में गोरेगाँव तालाब के पास तेज रपता सें नगरी की ओर जा रही कार ने जबरदस्त ठोकर मार कर फरार हो गई। युवक के सर पर रगी गंम्भिर चोट की वजह से पिछले पाँच दिनों से रायपुर के DKR…आस्पताल के आई सी यु में जिंदगी और मौत से झुझ रहा है।
युवक की धरेलु स्थित बेहद खराब है साज ही उनके पिता मानसिक रोग से पीडित है।
पुरे धर के लालन-पालन की जिम्मेदारी धायल युवक ही मजदुरी कर निर्वाह कर रहा था।ऐसे मे परिवार के सामने बहुत बडी मुसिबत आन पडी है।

मौत से जुझ रहे धर के चीराग का ईलाज कैसे कराये।

ऐसे मुस्कि़ल की धडी में ग्राम बोडरावासीयो ने मानवता का परिचय दिया ।
सभी धरों से चंदा कर, परिवार को युवक के ईलाज के लिये रायपुर भेजा गया।
पांच-छ: दिनो से आई सी यु में कोमा में मौत से लड रहे युवक को और कितने दिन और अस्पताल रहना होगा ।
यह परिवार के सदस्यों नही मालुम,ऐसे में अस्पताल के खर्च को लेकर वे बेहद परेशान है।
उन्होने शासन व समाज सेवीयों से मदद की गुहार लगाई है।