दुखियारी महिला आशा की निराशा , प्रशासन से एक आशियाने की मांग ग्रामीणों ने की…

पखांजुर.प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गरीबो के लिए प्रधानमंत्री आवास के नाम पर भले ही अपनी पीठ थपाते हो लेकिन कांकेर जिले के कोयलीबेड़ा ब्लाक अन्तर्गत मायापुर ग्राम पंचायत के पीवी 18 में एक असहाय विधवा महिला का झोपडी देखने पर उनको भी अपनी सारी योजनाओ बौनी दिखने लगेगी । मायापुर की आशालता विधवा महिला पति के मृत्यु के बाद अकेली बेसहारा अपने 14 वर्षीय बच्चे के साथ एक टूटी फूटी खपरे के झोपड़े में गुजर बसर कर रही है जिसमे चारो और से बांस की बेड़ी लगी हुई है। इस शीतकाल में मां और बेटे ठंड की ठिठुरन में कापते हुए रात गुजार रहे है। विधवा महिला को प्रशासन द्वारा पीएम आवास योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा।

ग्राम पंचायत में सरकारी योजनाओ के क्रियान्वन में भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है। विधवा महिला ने मीडिया से बात करते हुए कहा की पति के मृत्यु के बाद से मैंने कई सरपंचों के कार्यकाल में एक आवास की स्वीकृति करा देने की मांग रखी लेकिन मुझे पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। शायद मुझ गरीब को पंचायत के सरपंचों ने अमीर जानकार योजना से वंचित रखा । ग्राम पंचायत मे पक्का मकान होने के बाद भी कई हितग्राही को पीएम आवास योजना का लाभ मिला । लेकिन मुझ गरीब की आशियाना को देखकर अधिकारी , पंच प्रतिनिधियों का कभी कलेजा नहीं पसीजा । ग्रामीण कनाई हजारा, अमित दास अखिल मंडल सहित कई ग्रामीणों ने महिला के लिए जिला प्रशासन से एक आवास की स्वीकृति की मांग की है।