ग्राम पंचायत भुंजियामुड़ा में बिना रेत घाट के प्रत्येक ट्रेक्टर से 200 रुपये वसूली जारी…

गरियाबंद-जिला मुख्यालय और जनपद पंचायत गरियाबंद के ग्राम पंचायत भुंजियामुड़ा में न रेत घाट फिर भी रेत खनन के लिए पंचायत का वसूली जारी हैं।रेत परिवहन के लिए वसूली करने का अधिकार किस आदेश के तहत सरपंच को दिया गया हैं।

जिला खनिज विभाग और प्रशासन की संलिप्तता की ओर इशारा करता हैं। ग्राम पंचायत का सील लगा पर्ची रेत परिवहन के लिए काटा गया।शासन और प्रशासन के नाक के नीचे वर्तमान स्थिति में जिला प्रशासन के मुखिया हर समय सीमा बैठक में बार बार कठोर कार्यवाही के लिए आदेश जारी कर रहे हैं। मगर जिला प्रशासन चुप और सरपंच का वसूली जारी हैं।रेत परिवहन ट्रेक्टर से पर ट्रीप 200 रुपये लेकर सरपंच ग्राम पंचायत भुंजियामुड़ा के द्वारा जारी कर वसूली करना अवैधानिक है।

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इससे स्पष्ट हो रहा है कि सरकारी तंत्र का मिलीभगत संलिप्तता जाहिर है। प्रीतम सिन्हा भाजपा नेता ने यह आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य मेंं अवैध रेत उत्खनन का अखबारों और सोशलमीडिया हर दिन नया मामला प्रकाश में आता है। वहीं गरियाबंद के नये जिला प्रशासन के मुखिया समय सीमा के बैठक में अवैध रेत और मुरुम खनन परिवहन के लिए कार्यवाही के लिए जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को बोलने पर भी कोई असर दिखाई नहीं पड़ रहा है।जिला मुख्यालय गरियाबंद के ग्राम पंचायत भुंजियामुड़ा के सरपंच के द्वारा बकायदा एक पर्ची छपवा कर दो सौ रुपये हर ट्रेक्टर से वसूली किया जा रहा है।

जिसका हिसाब किताब किसके पास है और किस अधिकार से वसूली किया जा रहा है।यह तो जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी और सरपंच ही बता सकते हैं। शासकीय योजनाओं और निजी कार्यों में चल रहे निर्माण कार्य पर रेत का परिवहन किया जा रहा है और 200 रुपये का प्रति ट्रेक्टर वसूली किया जा रहा है। जबकि यह वसूली बहुत दिनों से निरंतर जारी है।जबकि न कोई रेत खदान आबंटित है और ना ही वसूली के लिए सरपंच के पास कोई अधिकार हैं। फिर भी रेत परिवहन का वसूली किया जा रहा है। आसपास के ट्रेक्टरों से वसूली किया गया है।जो जाँच के बाद स्पष्ट हो जायेगा।जिला प्रशासन के अधिकारियों की सांठगांठ को नहीं नकारा जा सकता हैं।

–  (खिलेश्वर गोस्वामी)