गरियाबंद-सूचना के अधिकार अंतर्गत जानकारी तय समय सीमा में नही देना व देने में हिलाहवाला करना समाज कल्याण विभाग के अफसर को महंगा पड़ गया. समाचार पत्र के संवाददाता द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6 (1) के तहत् जनसूचना अधिकारी, उप संचालक कल्याण विभाग गरियाबंद में 28 मई 18 को प्रस्तुत आवेदन पत्र में विभाग के केश बुक वर्ष 2018 के जनवरी से मार्च तक कि जानकारी प्राप्त नहीं होने के कारण प्रथम अपीलीय अधिकारी , मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गरियाबंद के समक्ष प्रथम अपील 26 जुलाई 18 को प्रस्तुत किया।

प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा 04 सितंबर 18 को निर्णय दिया गया की आवेदक को उक्त जानकारी समय मे दे ,यह निर्देश के बाद भी जानकारी न देने के कारण अपीलार्थी ने आयोग में 13 मार्च 19 को द्वितीय अपील प्रस्तुत किया। जंहा तत्कालिक उपसंचालक गरियाबंद एम. एल.पाल प्रकरण के सुनवाई के दौरान कभी भी उपस्थित नही हुए। वीडियो कान्फेसिंग में सुनवाई के दौरान अपीलार्थी / प्रतिअपीलार्थी / जनसूचना अधिकारी, उप संचालक समाज कल्याण विभाग गरियाबंद नरेन्द्र देवागन व्हीसी में उपस्थित हुए।
अपीलार्थी ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6 (1) के अंतर्गत जन सूचना अधिकारी से पृथक-पृथक आवेदन कर चार बिंदुओं मे जानकारी चाही गई थी। एक बिन्दु की जानकारी अवलोकन उपरांत प्रदाय नही किए जाने के कारण आयोग ने 22 जून 2020 को आदेश पारित किया कि 18 नवम्बर 19 को प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश का पालन न किये जाने के लिए अधिनियम की धारा 20 ( 1 ) एवं 20 ( 2 ) के तहत कारण बताओ सूचनापत्र जारी किया गया ।
राज्य सूचना आयोग द्वारा जारी उक्त कारण बताओ सूचना पत्र के जवाब में उप संचालक समाज कल्याण विभाग गरियाबंद के द्वारा अपने पत्र दिनांक 31जनवरी 2020 से आयोग के समक्ष जवाब प्रस्तुत कर बताया कि अपीलार्थी द्वारा चाही गई जानकारी अपीलार्थी को डाक के माध्यम से प्रदाय किया गया है। परन्तु आवेदक के आवेदन दिनांक 28 मई 18 की जानकारी अत्याधिक विलंब से प्रेषित किये जाने का कोई कारण अपने जवाब में प्रस्तुत नहीं किया।
छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग , अटल नगर , जिला रायपुर अपील प्रकरण क्रमांक अ / 916 / 2019 पूर्व पृष्ठ से अधिकारी उप संचालक समाज कल्याण विभाग गरियाबंद को अंतिम अवसर दिया। कि वह कारण बताये कि प्रथम अपीलीय अधिकारी के आदेश दिनांक 4 सितंबर 2018 के बाद भी उनके द्वारा दिनांक 31जनवरी 2020 को लगभग 15 माह के विलंब से क्यों दी गई । उक्त आदेश के पालन में वर्तमान जनसूचना अधिकारी , उप संचालक समाज कल्याण विभाग गरियाबंद नरेन्द्र देवांगन द्वारा आयोग के समक्ष अपना लिखित जवाब 19 अगस्त 20 को प्रस्तुत किया,उक्त लिखित जवाब का अवलोकन किया गया । लिखित जवाब के अनुसार कार्यालयीन पत्र दिनाक 25 सितंबर 18 के द्वारा आवेदक को सूचित कर दिया गया था कि चाही गई जानकारी लोकहित जनहित में प्रतीत नही होती है अत जानकारी दिया जाना संभव नहीं है । उक्त जवाब में यह भी लेख किया गया है कि उन्हें आयोग का नोटिस प्राप्त होने पर उनके द्वारा 31 जनवरी 20 को अपीलार्थी को जानकारी प्रदाय कर दी गई है।
आवेदक को राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील प्रस्तुत किये जाने के बाद ही जानकारी प्राप्त होना पाया गया है । जनसूचना अधिकारी के द्वारा अवलोकन कराने के पश्चात जानकारी देने में जो विलंब किया गया है उससे प्रमाणित होता है कि उनके द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम , 2005 की धारा 7 ( 3 ) का उल्लघन किया गया है । उपरोक्त विलंब के लिए तात्कालिक जन सूचना अधिकारी उप संचालक समाज कल्याण विभाग गरियाबंद को जिम्मेदार माना जाकर सूचना का अधिकार अधिनियम , 2005 की धारा 20 ( 1 ) के तहत उन पर 25000 रू ( पच्चीस हजार रूपये ) का अर्थदंड अधिरोपित किया जाता है । संचालक , पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग, इन्द्रावती भवन , नवा रायपुर को निर्देशित किया जाता है कि उक्त अर्थदड की राशि जन सूचना अधिकारी उप संचालक समाज कल्याण विभाग गरियाबंद के वेतन से काटकर शासकीय कोष में जमा करावें । उपरोक्त आदेशानुसार शास्ति की राशि तत्काल ‘ मुख्य शीर्ष – 0070. – अन्य प्रशासनिक सेवायें, उप – मुख्य शीर्ष ( 60 ) अन्य सेवायें , लघु शीर्ष- ( 118 ) -सूचना का अधिकार अधिनियम , 2005 के अधीन प्राप्तियाँ अर्थदण्ड की राशि शीर्ष में तत्काल जमा करते हुए , चालान की एक डाक से प्रमाणित प्रति के साथ आयोग को अवगत करायें।
– (खिलेश्वर गोस्वामी)
