कोंडागांव – शासन की ओर से बनाए गए पेशेवरों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने और उनके जीवन को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किया जा रहा है। ग्राम कोकोड़ी, जिला पंचायत कोंडागांव निवासी श्री विनय नेता 60 प्रतिशत प्रति व्यक्ति हैं। बचपन में ही लगभग 5-6 साल की उम्र में उनके माता-पिता का निधन हो गया। इसके बाद उनका पालन-पोषण पहले उनकी दादी ने किया और वर्तमान में उनके चाचा-चाची उनका सहारा बने हुए हैं।विनी ने हार्ड राइनॉइड के बावजूद हार नहीं मानी। उन्होंने 10वीं क्लास एजुकेशन और 12वीं की परीक्षा ओपन स्कूल से दी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्होंने जीविकोपार्जन के लिए कुछ करने की ठानी।मोबाइल के माध्यम से उन्होंने एग रोल और मोमोज़ बनाने की विधि सीखी। अपनी बहन के सहयोग से उन्होंने कोंडागांव में एक छोटा-सा एजी रोल एवं मोमोज़ का ठेला शुरू किया। मेहनत और लगन के बल पर आज वे प्रतिदिन लगभग 01 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं और अपने जीवन यापन का खर्च स्वयं वहन कर रहे हैं।हालाँकि थेले के लिए आवश्यक सामग्री उन्हें नियमित रूप से कोंडागांव आना-जाना से मिलती थी। अलैंगिकता के कारण सिद्धांत में उन्हें हमेशा के लिए प्रतिबंध पर सहमति दी गई थी, जिससे कई अंतर्संबंधों का सामना करना पड़ा था।इसी क्रम में समाज कल्याण विभाग द्वारा उन्हें बैटरी चलित ट्राइसाइकिल प्रदान की जाती है। इस सहायता से अब उनका मार्गदर्शन आसान हो गया है और वे अपने व्यवसाय के संचालन से पहले अधिक सहजता एवं सहायता के साथ कर सकते हैं।बैटरी चलित ट्राइसाइकिल प्राप्त कर विनायक नेताम ने प्रतिष्ठा पद पर रहते हुए छत्तीसगढ़ शासन के प्रति शेयर बाजार का रुख किया। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए केवल एक साधन नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर जीवन की दिशा में उनकी यात्रा को नया शौक मिला है।
