गरियाबंद – देवभोग विकासखंड के ग्राम करचिया के प्रगतिशील किसान कंदर्प नायक ने आधुनिक उद्यानिकी तकनीकों को अपनाकर खेती में सफलता की नई मिसाल पेश की है। कभी पारंपरिक धान की खेती पर निर्भर रहने वाले कंदर्प नायक आज ग्राफ्टेड बैंगन की खेती से बेहतर आय अर्जित कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर चुके हैं।पहले धान की खेती में अधिक लागत और कम आमदनी के कारण परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। लगभग 12 वर्ष पहले उद्यानिकी विभाग के संपर्क में आने के बाद उन्होंने विभागीय योजनाओं की जानकारी ली और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग और ग्राफ्टेड बैंगन की खेती शुरू की।आधुनिक तकनीकों के उपयोग से पानी की बचत हुई, फसलों में रोगों का प्रकोप कम हुआ और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इससे खेती की लागत घटी और आय कई गुना बढ़ गई।वर्तमान में कंदर्प नायक एक एकड़ क्षेत्र में ग्राफ्टेड बैंगन की खेती कर रहे हैं। उद्यानिकी विभाग द्वारा समय-समय पर तकनीकी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने से उन्हें लगातार बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।खेती से बढ़ी आय का सबसे बड़ा लाभ उनके परिवार को मिला है। आज वे अपने बेटे को आईसीएआर (नई दिल्ली) में उच्च शिक्षा दिला रहे हैं, जो उनकी मेहनत और आधुनिक खेती की सफलता का प्रेरणादायक उदाहरण है।
