कृत्रिम अंगों से बदलेगी जिंदगी: बीजापुर के 5 दिव्यांगजनों को अगले माह मिलेंगे कृत्रिम हाथ-पैर

बीजापुर – दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बीजापुर जिले में जिला स्तरीय दिव्यांगजन शिविर का आयोजन किया गया। समर्थ-जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, एजुकेशन सिटी बीजापुर में आयोजित इस शिविर में विशेषज्ञों ने पांच दिव्यांगजनों का कृत्रिम हाथ एवं पैर लगाए जाने के लिए परीक्षण किया।जिला दंतेवाड़ा से पहुंचे कृत्रिम अंग विशेषज्ञों ने हितग्राहियों का विस्तृत मूल्यांकन किया। परीक्षण के आधार पर चयनित पांच दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप अगले माह कृत्रिम हाथ एवं पैर उपलब्ध कराए जाएंगे।विशेषज्ञों के अनुसार कृत्रिम अंग मिलने के बाद लाभार्थी अपने दैनिक कार्य अधिक आसानी और आत्मविश्वास के साथ कर सकेंगे। इससे उनकी गतिशीलता बढ़ेगी और वे सामाजिक व आर्थिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगे।

शिविर के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा ने दिव्यांगजनों से संवाद कर उन्हें शासन की विभिन्न दिव्यांग हितैषी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा सभी हितग्राहियों से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

जिला प्रशासन ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक दिव्यांगजनों तक पुनर्वास सेवाएं और सहायक उपकरण पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।