नवापारा राजिम :- बारिश का मौसम शुरू होते ही नगर में गंदे और मटमैले पानी की सप्लाई से नगरवासी बेहद परेशान हैं। नागरिकों की निरंतर आ रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विपक्ष के कांग्रेस पार्षदों ने जल शुद्धिकरण केंद्र (वाटर फिल्टर प्लांट) का औचक और नित्य निरीक्षण किया। इस दौरान फिल्टर प्लांट में भारी अव्यवस्था और लापरवाही का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है।निरीक्षण के दौरान डराने वाली बात सामने आई कि फिल्टर प्लांट में पानी साफ करने के लिए सबसे आवश्यक सामग्री, जैसे फिटकिरी और ब्लीचिंग पाउडर, पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। प्लांट के रोजनामचा रजिस्टर का अवलोकन करने पर पाया गया कि 13 जुलाई 2026 के बाद से स्टॉक रजिस्टर में किसी भी प्रकार की एंट्री नहीं की गई है। स्टॉक रूम पूरी तरह खाली पड़े हैं और बिना किसी केमिकल ट्रीटमेंट के ही सीधे गंदे पानी को नागरिकों के घरों में सप्लाई किया जा रहा है।जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नही, विपक्षनिरीक्षण में मुख्य रूप से उपस्थित पार्षद अजय साहू, रामरतन निषाद, दीपाली राजपूत, अर्जुन साहू, तरुण कंसारी, हेमंत सहानी टिकेश्वर गिलहरे एवं फागुराम देवांगन ने संयुक्त बयान जारी कर नगरपालिका प्रशासन को आड़े हाथों लिया। पार्षदों ने कहा कि गर्मियों के दिनों में जब पानी साफ रहता था, तब प्रतिदिन 20 बट्टी फिटकरी डाली जा रही थी। अब जब बारिश के मौसम में महानदी और स्थानीय जल स्रोतों से आने वाला पानी अत्यधिक मटमैला और दूषित हो चुका है, तब पानी शुद्ध करने वाली फिटकरी व ब्लीचिंग पाउडर का इस्तेमाल बंद या कम होना घोर लापरवाही है।विपक्ष ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष और मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) गहरी नींद में सोए हुए हैं। वर्षा ऋतु के इस संवेदनशील समय में, जहाँ जलजनित बीमारियों का खतरा सबसे अधिक होता है, वहाँ बिना ट्रीटमेंट के पानी सप्लाई करके जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस लापरवाही के कारण शहर में डायरिया, पीलिया और टाइफाइड जैसी महामारियां फैलने का अंदेशा बढ़ गया है। कांग्रेस पार्षदों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही व्यवस्था दुरुस्त कर स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे जनता के हित में उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
