हेरा पंचमी – पालकी में होकर सवार प्रभु जगन्नाथ से मिलने माता लक्ष्मी पहुँची गुंडीचा मंदिर  

( गाजे बाजे के साथ जगन्नाथ मंदिर से निकली माता लक्ष्मी की शोभायात्रा )

किरंदुल– लौहनगरी किरन्दुल में श्री श्री जगन्नाथ सेवा समिति उत्कल समाज किरंदुल के तत्वाधान में विगत वर्षों की ही भांति इस वर्ष भी 16 जुलाई को श्री राघव मंदिर परिसर में स्थित श्री श्री जगन्नाथ मंदिर से गाजे बाजे के साथ जय जगन्नाथ के नारे के साथ भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं देवी सुभद्रा की रथ यात्रा निकाली गई थी । रथ यात्रा के बाद 20 जुलाई को हेरा पंचमी के दिन देवी महा लक्ष्मी की डोली विशाल शोभायात्रा और गाजे बाजे के साथ श्री जगन्नाथ मंदिर श्री राघव मंदिर से निकल कर मुख्य मार्ग से होते हुए गुंडीचा मंदिर उत्कल समाज भवन पहुँची ।विदित हो कि हेरा पंचमी रथ यात्रा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण रस्म है जो रथ यात्रा के पांचवे दिन मनाई जाती है ।रथ यात्रा के दौरान प्रभु जगन्नाथ अपने भाई बलभद्र ,और बहन सुभद्रा के साथ अपनी मौसी के घर गुंडीचा मंदिर आते हैं ।लेकिन इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ अपने साथ माता लक्ष्मी को लेकर नहीं आते हैं और इस ही बात से माता लक्ष्मी नाराज हो जाती है और पांचवे दिन प्रभु से मिलने गुंडीचा मंदिर आती है इस यात्रा को ही हेरा पंचमी कहा जाता है ।पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान जगन्नाथ बिना माता लक्ष्मी को बताए भाई और बहन के साथ मौसी के घर गुंडीचा मंदिर आ जाते हैं और यहीं बात माता लक्ष्मी को आहत करती है और वह नाराज हो कर इसका जवाब मांगने के लिए खुद गुंडीचा मंदिर आती है ।पौराणिक मान्यताओं के अनुसार गुंडीचा मंदिर पहुँचने के बाद देवी लक्ष्मी भगवान से मिलने की कोशिस करती है लेकिन मंदिर के दरवाजे बंद मिलते हैं इससे वे क्रोधित होकर अपनी नाराजगी जताने के लिए भगवान के रथ नंदी घोष को थोड़ा सा तोड़ देती है और नाराज हो कर गुंडीचा मंदिर से चली जाती है ।जाते जाते भगवान को जल्दी घर आने को कहकर वापस चली जाती है ।हेरा पंचमी के दिन तीनों रथों के मुंह को श्री जगन्नाथ मंदिर की और कर दिया जाता है ।विदित हो कि 24 जुलाई को बाहूडा यात्रा यानी रथ यात्रा की वापसी गुंडीचा मंदिर से श्री जगन्नाथ मंदिर श्री राघव मंदिर के लिए होगी ।इस दौरान उत्कल समाज के अध्यक्ष अविनाश सवाई ,सचिव देवराज लिंका ,शैलेश रथ ,बृजेश मिश्रा ,एवं समिति के सदस्य तथा हजारों की संख्या में श्रद्धालु गण उपस्थित रहे ।