नगरी में युवाओं को मिला मजबूत मंच: कलेक्टर ने लाइब्रेरी एवं को-वर्किंग स्पेस का निरीक्षण किया

ग्रामीण युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर अध्ययन और रोजगार का अध्ययन केंद्र

धमतरी – जिले के नगरी विकास यात्रा के दौरान कलेक्टर  अविनाश मिश्रा ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं रोजगारपरक अभियानों को मान्यता देने के उद्देश्य से नगरी में संचालित लाइब्रेरी एवं वर्किंग स्पेस का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने अध्ययनरत छात्रों एवं पार्टी से जुड़े युवाओं से सीधे संवाद कर अपने अनुरोध, परिचय एवं भविष्य की नामांकन की जानकारी ली।

पुस्तकालय निरीक्षण के दौरान डॉक्टर मिश्रा ने पर्वतीय विद्यालयों की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों से चर्चा करते हुए कहा कि सफलता के लिए नियमित अध्ययन, समय प्रबंधन, सकारात्मक सोच और स्पष्ट लक्ष्य की अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं को अपनी रुचि क्षमता एवं सांस्कृतिक विद्यालयों का चयन कर सुयोजनाबद्ध रणनीति के साथ तैयारी करने की सलाह दी। साथ ही समसामयिक विषय, दैनिक समाचार निर्माता एवं संदर्भ दस्तावेज़ के नियमित अध्ययन बल।

अध्ययनरत छात्र दमेश्वर कुमार ने बताया कि वे व्यापम की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और लाइब्रेरी में उपलब्ध सामग्री से उन्हें काफी लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि शांत, अनुशासित प्रेरणा वातावरण के साथ-साथ ऑटोमोबाइल स्टूडियो, समाचार निर्माता और सुव्यवस्थित अध्ययन की कक्ष सुविधा से तैयारी उनकी अधिक प्रभावी है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले बच्चों को भी सबसे पहले विशेष लाभ मिल रहा है। विद्यार्थियों को जिला प्रशासन की ओर से यह सुविधा प्रदान की गई।

इसके पदस्थापित रजिस्ट्रार श्री मिश्रा ने नगरी में संचालित को-वर्किंग स्पेस का अधिग्रहण किया। यहां उन्होंने विभिन्न डिजिटल एवं ऑफलाइन संबंधों से जुड़े युवाओं से चर्चा करते हुए नवप्रवर्तन और अवसरों के अवसरों के लिए प्रेरित किया। युवा नीलकंठ नाइट ने बताया कि वे “मेट्रो मनी” नामक वेबसाइट का संचालन कर रहे हैं, जिससे उन्हें लगभग 40 हजार रुपये आय प्राप्त हो रही है। कलेक्टर श्री मिश्रा ने अपने उद्यम की नियुक्ति प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत ऋण उद्यम विस्तार योजना में आवश्यक सहायता प्रदान करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दी है।

निरीक्षण के दौरान रजिस्ट्रार ने को-वर्किंग स्पेस में प्राईज, सिलिकॉन टॉयलेट, इंटरनेट आर्किटेक्चर, इलेक्ट्रोनिक व्यवस्था और सुरक्षा एसोसिएटेड सिस्टम को और सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं क्षेत्रीय क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर गुणवत्ता पूर्ण एवं अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है, ताकि उन्हें बड़े शहरों की ओर पलायन न करना पड़े।

कलेक्टर के अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि लाइब्रेरी में नियमित लेजर डायरेक्शन सत्र, मॉक टेस्ट एवं स्पीच के व्याख्यान का आयोजन किया जाए, जिससे युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर तैयारी का मौका मिल सके। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास से नगरी क्षेत्र के युवाओं को शिक्षा एवं विश्वास के क्षेत्र में नई दिशा और मजबूत मंच प्राप्त होगा। इस संस्था पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।