जिले में वीबी जी रामजी कार्यक्रम के प्रभावशाली वास्तुशिल्पियों को लेकर सचिवों की हुई बैठक

कोंडागांव – जिला पंचायत कोंडागांव के सभाकक्ष में वीबी जी रामजी कार्यक्रम के प्रभावशाली सहयोगियों को लेकर सचिवों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य वीबीई जी रामजी से जुड़ी रूपरेखा, उनके लक्ष्य, लक्ष्य और जमीनी स्तर पर प्रभावशाली अमल को लेकर सचिवों को विस्तृत जानकारी देना और भविष्य की रूपरेखा तैयार करना है। बैठक में जिला पंचायत के अंतर्गत सभी ग्राम पंचायत सचिव उपस्थित रहते हैं। साथ ही जिला एवं जिला स्तर के अधिकारी, तकनीकी अमला एवं संबंधित संबंधित प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए।बैठक में वीबी जी रामजी कार्यक्रम की पृष्ठभूमि और उसकी आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अविनाश भोई ने बताया कि इस कार्यक्रम में ग्राम प्रशिक्षण को अधिक सक्षम, सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से ग्राम स्तर पर योजना निर्माण, विशेषज्ञों और पर्यवेक्षकों से बातचीत की जानी है ताकि शासन की मंजूरी का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

बैठक में बताया गया कि वीबी जी रामजी का मुख्य उद्देश्य ग्राम विकास में सुशासन को बढ़ावा देना, वित्तीय एवं व्यवस्था को मजबूत करना और विकास में जनभागीदारी को सुनिश्चित करना है। इसके अंतर्गत सभाओं को सक्रिय करना, संविधान की मूल बातें तय करने में ग्रामों की भागीदारी और पंचायत स्तर पर उपलब्ध जानकारी का बेहतर उपयोग करना शामिल है।

श्री भोई ने सचिवों को बताया कि वीबी जी रामजी के तहत ग्राम सब्सिडी में डिजिटल रिकार्ड संधारण, नामांकन की ऑनलाइन निगरानी, ​​अध्ययन भुगतान प्रणाली और समयबद्धन कार्य निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया है। इससे न केवल तख्तापलट पर अलगाव बल्कि आम नागरिकों की पंचायत व्यवस्था पर विश्वास भी मजबूत होगा।

जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उत्तम महोबिया ने कहा कि सचिव ग्राम पंचायत के प्रशासनिक सलाहकार होते हैं और वीबी जी रामजी की सफलता काफी हद तक उनके कार्यकुशलता, ईमानदारी और सक्रियता पर निर्भर करती है। सचिवों को निर्देश दिया गया है कि वे स्वयं स्पष्ट रूप से निंदा करें और ग्राम पंचायत के आख्यानों और आख्यानों तक सही ढंग से पहुंचें। इसके साथ ही कार्य में आने वाली समस्याएं, कहानियां और समाधान के सुझावों को भी समय-समय पर साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।

वीबीई जी रामजी के तहत संचालित विभिन्न नामांकन की जानकारी भी दी गई है। इनमें से सबसे प्रमुख हैं- इनमें शामिल हैं पुरातत्व, पुरातत्व, स्वच्छता, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा। इन सभी परिभाषाओं का उद्देश्य ग्राम स्तर पर जीवन स्तर में सुधार लाना और पुनर्स्थापना को आत्मनिर्भर बनाना है।

बैठक में विशेष रूप से यह बताया गया कि ग्राम सभा के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं का चयन करने हेतु स्थानीय आवश्यकताओं का विकास कार्य हो सके। सचिवों को निर्देश दिया गया कि वे ग्राम सभाओं के नियमित आयोजनों को सुनिश्चित करें और नामांकन में प्रतिभागियों की समस्याओं और सुझावों को शामिल करें।

बैठक में वीबी जी रामजी की आत्मा की जानकारी दी गई, सभी वित्तीय लेन-देन ऑनलाइन माध्यम से देखे जाएंगे और प्रत्येक कार्य का विवरण पंचायत कार्यालय में सार्वजनिक रूप से चित्रित किया जाएगा। इस अद्यतन में यह जानकारी मिल गई है कि किस योजना में कितने बजट का आवंटन हुआ है और उसका उपयोग कैसे किया जा रहा है। सचिवों को यह भी बताया गया कि सोशल हैशटैग और जनसुनवाई जैसी सोनिया को नियमित रूप से जोड़ा जाएगा। इससे न केवल परिभाषा की गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।

इस संबंध में सीईओ जिला पंचायत कोंडागांव ने बताया कि वीबीजी रामजी कार्यक्रम जिले के समग्र ग्रामीण विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि वीबी जी रामजी ने केवल एक योजना बनाई है, जिसमें ग्राम सब्सिडी को बढ़ावा देने की एक व्यापक प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उत्तर प्रदेश तक शासन की मंजूरी का वास्तविक रूप से लाभ हो। ग्राम पंचायत सचिव इस प्रक्रिया के प्रमुख स्तंभ हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी से ही यह कार्यक्रम सफल हो सकता है।