पखांजूर से बिप्लब कुण्डू/ 02/05/2021

यह कोई 18वी सदी या अफ्रीकी देश की तश्वीर नही बल्कि डिजिटल इंडिया का सपना देखने वाले इसी भारत की 21वी सदी की तश्वीर है। जो भारत अभी 5जी के जमाने मे जी रहा है। परंतु अंदरूनी क्षेत्र में पहुंचने से ऐसा लगता है मानो डिजिटल इंडिया का सपना साकार होने में अभी काफी लंबा वक्त है। एक ओर जहां भारत को डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया बनाने को कवायद चल रही है। वहीं दूसरी ओर छोटेबेठिया क्षेत्र के दर्जनों गांव तक पहुंचने से पहले ही ये तमाम योजनाये दम तोड़ती साबित हो रही है। एक ओर जहां शहरी इलाकों में बिसलरी, एक्वाफीना जैसे मिनरल वाटर की होड़ मची हुई है। वही दूसरी ओर कंदाड़ी इलाके के टेकामपारा गांव के ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल भी नसीब नही हो पा रहा है। कंदाड़ी गांव का टेकामपारा के ग्रामीण आज भी कुंए के पानी से अपना प्यास बुझाने को मजबूर है। डिजिटल युग मे यहां के लोग सड़क, बिजली, पानी और भी कई मूलभूत सुविधाओं के आभाव में अपनी जिंदगी का गुजारा करते हैं।
आलम यह है कि यहां के ग्रामीण आज भी मूलभूत सुविधाओं से महरूम है। टेकामपारा गांव के ग्रामीणों के सुविधा के लिए प्रशासन ने एक हैण्डपम्प जरूर खोदवा दिया। लेकिन उसके बाद अपनी जिम्मेदारियो से पीछा छुड़ाते हुए मुड़कर भी दोबारा झांकने तक नही गए। जिससे हैण्डपम्प खराब होने के बाद इस गांव के ग्रामीण कुएं के पानी पर निर्भर हो गए है। गांव से कुएं की दूरी तकरीबन 2 किलोमीटर है। तपती दोपहरिया में गांव के ग्रामीण महिला, पुरुष और बच्चे बर्तन लेकर कुएं तक पहुंचते है और कुएं से पानी निकालकर अपनी दैनिक जीवन मे उपयोग करते है और अपनी प्यास बुझाते है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्षों से लोग कुएं का पानी से अपनी प्यास बुझा रहे है। विभाग के लोग हैण्डपम्प जरूर लगा दिए परन्तु इसका लाभ नही मिला। और जानकारी देने के बावजूद कोई झांकने तक नही आया। जिससे मजबूरन कुएं का पानी ही हमारी प्यास बुझाती है।
बताना लाजमी होगा कि जिस कुएं का पानी यहां के ग्रामीण पी रहे है वह पानी भी देखने आए नही लगता कि साफ और स्वच्छ होगा। लेकिन हैण्डपम्प के आयरन युक्त और गंदे पानी से बेहतर मानते हुए ग्रामीण कुएं का गंदा पानी से प्यास बुझाने को मजबूर है।
अब वक्त ही बताएगा कि पेयजल जैसी व्यवस्था कर पाने में असफल होने वाला प्रशासन कब कुम्भकर्णी नींद से जागता है और कब ग्रामीणों के लिए पेयजल की व्यवस्था कर पाता है।
मैनी कचलाम,सरपँच ग्राम पंचायत कंदाड़ी–उच्च अधिकारियो को अवगत कराया गया है उम्मीद है जल्द ही स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था हो जाएगी।
अनूप नाग,विधायक-पीएचई विभाग के अफसर को निर्देशित कर देता हूं। जल्द ही उस गांव के ग्रामीणों को पानी की व्यवस्था हो जाएगी ।
