केल्हारी तहसीलदार ने पुलिस बल, स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर की ताबड़तोड़ कार्यवाही।…


एस के मिनोचा:
केल्हारी : कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बावजूद भी वनांचल-ग्रामीण क्षेत्र केल्हारी में कागजी कार्यवाही शून्य पड़ी थी। जिसका बहुत बड़ा कारण तहसीलदार केल्हारी एवं थाना प्रभारी केल्हारी का छुट्टी पर होना बताया जाता है। हलांकि बावजूद इसके पुलिस, राजस्व अमला ने मोर्चा संभाला था, लेकिन फिर भी कुछ लोग गाहे-बगाहे सड़कों में घूमते दिखाई दे ही जाते थे, जिनके पास घूमने का पर्याप्त कारण भी नही रहता था। लेकिन तहसीलदार केल्हारी ने छुट्टी से आते ही पुलिस एवं स्वास्थ्य अधिकारियों से मिलकर ताबड़तोड़ कार्यवाही करना शुरू कर दिया है। केवल दो दिन की ताबड़तोड़ कार्यवाही से मिल रही मौखिक शिकायत पर भी विराम लग गया है।

ज्ञात हो कि मेडिकल स्टोर एवं झोलाछाप डॉक्टरों के पास धड़ल्ले से ईलाज चलने की शिकायत मिली थी जिस पर 30 अप्रैल को संयुक्त टीम द्वारा छापामार कार्रवाई की गई, परन्तु कार्यवाही के दौरान किसी भी तरह का साक्ष्य प्राप्त नही हुआ और न ही झोलाछाप डॉक्टरों की क्लीनिक खुली मिली। यह जरूर है कि दो मेडिकल स्टोर में कोरोना गाईड लाईन का उलंघ्घन करते हुए देखा गया, जहां अनावश्यक भीड़ के कारण चालान काट कर कार्यवाही की गई। इतना ही नही अलग अलग स्थानों में 19 व्यक्तियों‌ पर जुर्माना रसीद काट ९००० रूपये का चालान प्राप्त किया गया। तो वहीं कोरोना संक्रमित मरीजों को घर से बाहर घूमने की शिकायत पर भी उक्त टीम ने घरों में दबिश दी। लेकिन बाहर घूमते मरीज नही देखा गया। कार्यवाही दूसरे दिन शनिवार 1 मई को भी चलती रही। शनिवार सुबह से ही घूम घूम कर उक्त टीम कार्यवाहीं करती रही। समाचार लिखे जाने तक शनिवार को 41 चालानी कार्यवाही की गई, जिसमें एक दुकान खुला पाये जाने पर 1000 रूपये,बिना मास्क 1 व्यक्ति को 500 रूपये एवं तीन सवारी बेवजह घूमते पाये जाने पर 39 व्यक्तियों के ऊपर कुल 9300 रूपये अर्थात कुल 41 चालानी कार्यवाही में 10800 रूपये का अर्थदण्ड वसूला गया। केल्हारी क्षेत्र में पहिया न थमने की शिकायत लगातार मिल रही थी जिस पर अब विराम लग गया है। देखना यह है कि कब तक कार्यवाहीं चलती है? और इसका कितना असर पडता है?