विद्युत शवदाह मशीन होने के बावजूद कोविड मृतकों का खुले में अंतिम संस्कार…

 

संभाग प्रमुख
मोहम्मद इकरार अहमद

 

(चिरमिरी नगर निगम का विचित्र रवैया)

कितने आश्चर्य की बात है कि चिरमिरी नगर निगम के पास विद्युत शवदाह मशीन है लेकिन उसने उसे शो पीस बना कर रखा हुआ है। और कोविड से मृत लोगों का अंतिम संस्कार खुले में चिता पर हो रहा है, जबकि माइंस एरिया होने के कारण यहां लकड़ियां आसानी से नहीं मिलतीं और मनेंद्रगढ़ से लानी पड़ती हैं। ऐसा भी नहीं है कि मशीन खराब हो, मशीन तो नयी है और डेढ़ वर्ष पूर्व ही इसका लोकार्पण हुआ है, फिर भी चिरमिरी नगर निगम मशीन का उपयोग ना कर पर्यावरण को बिगाड़ने तथा मृतकों के परिजनों को परेशान करने पर आमादा है। यहां तक कि अपने ही पूर्व महापौर रेड्डी महोदय की बात तक सुनने को तैयार नहीं, जिनके कार्यकाल में विद्युत शवदाह मशीन का लोकार्पण वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष चरणदास महंत जी के द्वारा किया गया था।

पढ़िए हमारे संवाददाता की रिपोर्ट:—

चिरमिरी – यूँ तो प्रत्येक समाज बदलते समय के साथ अपने आपको अपग्रेड करता रहता है लेकिन चिरमिरी नगर निगम में एक ऐसा उदाहरण सामने आया है, जहाँ डेढ़ साल पहले से स्थापित आधुनिक मशीनीकरण की योजना को मूर्त रूप देते हुए विद्युत शवदाह मशीन के लगाये जाने के बावजूद आज भी कोरोना की इस वैश्विक महामारी में कोविड से मृत शवों का खुले में ही अंतिम संस्कार किया जा रहा है और प्रशासन का जरा भी ध्यान इस ओर अभी तक नहीं गया है। इस सम्बंध में अब धीरे – धीरे शहर के प्रबुद्ध वर्ग में रोष प्रगट होता दिख रहा है।

ज्ञातव्य है कि चिरमिरी नगर निगम में पिछले कार्यकाल में तत्कालीन महापौर के. डोमरु रेड्डी ने शहर के लोगों को मुक्तिधाम के लिए लकड़ियों को लेकर होने वाली परेशानियों के मद्देनज़र अपने शहर में विद्युत शवदाह मशीन लगाने की दृढ़ इच्छा शक्ति को दिखाते हुए ज़िला खनिज न्यास निधि से 30 लाख रुपयों की स्वीकृति प्राप्त कर, डोमनहिल मुक्तिधाम में इस अभिनव प्रयास को मूर्तरूप देते हुए स्थापित किया। जिसे 13 अक्टूबर 2019 को बाकायदा छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महन्त के मुख्य आतिथ्य तथा सांसद श्रीमती ज्योत्सना महन्त की अध्यक्षता में विधायकगण गुलाब कमरो, डॉ. विनय जायसवाल के विशिष्ट आतिथ्य में नगर निगम परिसर में वृहद् जनसभा आयोजित कराकर, लगभग 6 करोड़ के आसपास के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण व कुछ विकास कार्यों का भूमिपूजन कार्यक्रम भी करवाया गया था। बावजूद इसके शवदाह मशीन प्रारम्भ करने की बजाय नगर निगम प्रशासन ने अपना रंग बदलते हुए श्री रेड्डी के कार्यकाल समाप्त होते ही, उनके इस ड्रीम प्रोजेक्ट को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया। बताते हैं कि पूर्व कार्यकाल के ऐसे बहुत से और कार्य भी हैं, जिन्हें स्वयं पूर्व महापौर के. डोमरू रेड्डी के द्वारा वर्तमान महापौर और आयुक्त को पत्र लिखने के बाद भी कई योजनाओं को प्रारम्भ नहीं किया गया है।

किन्तु अब कोविड के बढ़ते मामलों से मृत हो रहे शवों को खुले में दाह संस्कार करने की व्यवस्था से चिंतित लोग अब इसको लेकर आवाज़ मुखर करने लगे हैं। पहले भाजपा नेता प्रदीप सलूजा ने इसे लेकर सोशल मीडिया को माध्यम बना कर, शासन – प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया तो अब स्वयं पूर्व महापौर श्री रेड्डी भी अपने शहर में उचित संसाधन होने के बावजूद उसका समुचित उपयोग नहीं हो पाने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए, अपने ही पार्टी के कब्ज़े वाले नगर निगम के खिलाफ़ जमकर मुखर होते हुए आज कलेक्टर, प्रभारी आयुक्त के अतिरिक्त प्रभार में चल रहे अनुविभागीय अधिकारी और तहसीलदार को चिरमिरी में बंद पड़ी इस विद्युत शवदाह मशीन को चालू कर, अंतिम संस्कार कराने की मांग की है।
और भी ध्यान देने योग्य तथ्य यह भी है कि चिरमिरी में लकड़ियों की भी व्यवस्था न हो पाने के कारण ज्यादातर लोग मनेन्द्रगढ़ जाकर वन विभाग के काष्ठागार से लकड़ी लेने को मजबूर हैं, जबकि राज्य सरकार के द्वारा चलायी जा रही मुक्तांजलि योजना के तहत अंतिम संस्कार के लिए नगर निगम, नगर पालिका के द्वारा ही ‘नो लॉस – नो प्रॉफिट’ में लकड़ी उपलब्ध कराया जाना है, लेकिन आज वह व्यवस्था भी ध्वस्त होती दिख रही है। ऐसे में प्रदेश में दूसरी और संभाग में पहली चिरमिरी में लगी इस मशीन का उपयोग काफी कारगर पहल होगी, जिस ओर कड़े क़दम उठाए जाने की आवश्यकता है। आभार बस्तर बन्धु अख़बार