महासमुंद :- छत्तीसगढ़ में रबी फसल धान बोए किसानों के सामने बेमौसम हुए बारिश आफत बनकर टूट पड़ी है. ज़ब से रबी फसल धान की कटाई शुरू हुई है तब से लेकर आज तक हर एक दिन में हों रही बारिश से किसानों का फसल नुकसान हो रहा है. लेकिन राजस्व प्रशासन का अमला अभी तक किसानों के खेत व खलिहान में नुकसानी का आकलन करने अभी तक नहीं पहुचे हैँ जिससे किसानों को प्राकृतिक आपदा राहत मिल सके.उक्त आशय की मांग करते हुए जिला पंचायत सदस्य एवं किसान नेता जागेश्वर जुगनू चंद्राकर ने कहा कि किसानों को खेतोँ की फसल काटने, सुखाने से लेकर भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है. खेत गिला होने के कारण चैन हार्वेस्टर से कटाई करना पड़ रहा है जो सामान्य कटाई से डेढ़ गुना लागत लग रही है तो वही खलिहान में सुखाए फसल पानी में भींग जाने से अंकुर आने से नुकसान हों रही है जिससे किसानों को उनका लागत भी वसूली नहीं हो पर रही है जिससे किसान कर्ज से लद जा रहे हैँ अन्नदाता किसानों को आर्थिक मानसिक पीड़ा से निकालने किसानों के फसल नुकसान का आंकलन कर किसानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए.
