उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के लिए प्रभावशाली स्वास्थ्य सेवा सुरक्षा।

महासमुंद – भारत सरकार की महत्वपूर्ण कांक्षी योजना प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृ अभियान (पीएमएसएमए) के तहत जिले में विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया गया है। इन शिविरों के माध्यम से गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही में सभी गर्भवती महिलाओं को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, क्लिनिक परामर्श और आवश्यक उपचार की सुविधा प्रदान की गई है।इस बार अभियान में विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान करने और उनके प्राकृतिक उपचार पर जोर दिया गया। इसके लिए जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल, मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य अनुसंधान और प्राथमिक स्वास्थ्य अनुसंधान में पूर्व तैयारी की गई थी। पूर्व में ही ऐसे मामलों की नामावली सूची तैयार की गई, जिससे सेवाओं के प्रभावशाली वैज्ञानिक को सुनिश्चित किया जा सके।स्वास्थ्य जांच में सोनोग्राफी जैसी उन्नत जांच उपलब्ध कराई गई, जिससे गर्भवती महिलाओं की नैदानिक ​​स्थिति के अनुसार देखभाल संभव हो सके। साथ ही, प्रत्येक महिला की चिकित्सीय स्थिति के आधार पर एक व्यक्तिगत जन्म योजना (जन्म योजना) तैयार की जाती है, ताकि सुनिश्चित लक्षण सुनिश्चित किए जा सकें।अभियान की दोस्ती सुनिश्चित करने के लिए राज्य एवं जिला वैज्ञानिक अधिकारियों द्वारा दल स्टूडियो का निरीक्षण कर विभिन्न स्वास्थ्य जांच का दौरा किया गया। राज्य स्तरीय टीम ने पिथौरा एवं आप गांव के तीन स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया, जहां मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बाघा दौरे के अभियान की प्रगति की झलकियां लीं और आवश्यक निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला टीकाकरण अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी एवं सलाहकारों ने अन्य स्वास्थ्य संबंधी निरीक्षण कर कार्य गुणवत्ता की समीक्षा की।प्रधानमंत्री सुरक्षित गुणवत्ता अभियान के सफल आयोजन से जिले में मातृ मृत्यु दर में कमी और सुरक्षित गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक।