( क्या कारगर साबित होगी चेतावनी या होगी फिस्सडी )
( मामला वार्ड नं 17 के सृंगार पुर कैम्प का )
किरंदुल – किरंदुल पालिका क्षेत्र के वार्ड नं 17 में स्थित सृंगारपुर कैम्प में स्थित चिकन और मछली विक्रेताओं के द्वारा लगातार चिकन और मछली के बचे हुए कचरे खुले में सड़कों और नालों में फेंके जाने की शिकायत लगातार मीडिया में आने के बाद किरंदुल पालिका प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से एक्शन लेते हुए सृंगार पुर कैम्प की सड़क किनारे चिकन बेचने वाले और आम पेड़ चौक की सड़क पर मछली बेचने वाले दुकानदारों को तत्काल प्रभाव से किरंदुल नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी शशि भूषण महापात्रा ने बैठक बुलाकर सभी संबंधित दुकानदारों को खुले रूप से चेतावनी दी कि स्वच्छता बनाये रखने के लिए कचरे का निस्तारण करने और सार्वजनिक क्षेत्र में तथा नालियों में अवशेष नही फेंकने की चेतावनी दी । किरंदुल नगर में पहली बार पड़ रही भीषण गर्मी और पारा के 40 डिग्री पार होने के बाद भी नगर के सियासी गलियारों में एक चर्चा आम हैं कि क्या किरंदुल नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी की चिकन और मछली विक्रेताओं को दी गई चेतावनी कारगर साबित होगी या फिस्सडी । सियासी नज़र के हिसाब से मुख्य नगर पालिका अधिकारी के द्वारा सृंगारपुर कैम्प में विराजमान चिकन और मछली विक्रेताओं को बैठक में उपस्थित होने का नोटिस जारी किया गया था ।परंतु मिली जानकारी के अनुसार उक्त पालिका परिषद की बैठक में सिर्फ चिकन दुकानदार ही पहुंचे । सियासी नजर के हिसाब से किरंदुल पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी के द्वारा बुलाई गई बैठक में मछली विक्रेताओं की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय है कि मछली विक्रेताओं को किन रसूखदारो का संरक्षण मिला हुआ है । खैर जो भी हो परंतु इस मुद्दे ने किरंदुल के सियासी और गर्मी के तापमान को और बड़ा दिया है ।
