पेंशनर समाज नगरी द्वारा विचार विमर्श का आयोजन किया गया।
नगरी / राजशेखर नायर – साहू सदन नगरी में वन नेशन वन इलेक्शन विषय पर पेंशनर समाज नगरी द्वारा विचार विमर्श का आयोजन किया गया. मुख्य वक्ता विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अजय चंद्राकर, सांसद महासमुंद रूप कुमारी चौधरी और सांसद कांकेर भोजराज नाग थे. विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अजय चंद्राकर ने कहा की सितंबर 2023 में प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ की संभावनाएं तलाशने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया.इस समिति ने मार्च 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी.समिति में शामिल प्रमुख सदस्यों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस के पूर्व नेता ग़ुलाम नबी आज़ाद, 15वें वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष एनके सिंह, लोकसभा के पूर्व महासचिव डॉ. सुभाष कश्यप, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे और चीफ़ विजिलेंस कमिश्नर संजय कोठारी थे.191 दिनों की रिसर्च के बाद इस समिति ने 18,626 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की. सितंबर 2024 में प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने समिति की सिफ़ारिशों को मंजूरी दी.इसके बाद 12 दिसंबर को ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ से जुड़े विधेयक को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दे दी है, जो इसे क़ानून बनाने की दिशा में कदम है. रिपोर्ट में कहा गया, “15 दलों को छोड़कर बाकी 32 दलों ने साथ-साथ चुनाव कराने का समर्थन किया और कहा कि ये तरीका संसाधनों की बचत, सामाजिक तालमेल बनाए रखने और आर्थिक विकास को तेज़ी देने में मदद करेगा.”रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति: इस समिति ने राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों सहित कई लोगों से चर्चा और सुझाव लिए.चुनावों पर व्यापक समर्थन: बातचीत और फीडबैक से यह पता चला कि देश में एक साथ चुनाव कराने को लेकर काफ़ी समर्थन है.सांसद महासमुंद रूप कुमारी चौधरी ने विचार विमर्श को आगे बढ़ते हुए बताया की चुनाव कराने की योजना दो चरणों में लागू हो.
पहला चरण: लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराए जाएं.
दूसरा चरण: आम चुनाव के 100 दिनों के भीतर पंचायत और नगर पालिका जैसे स्थानीय चुनाव कराए जाएं.
सभी चुनावों के लिए एक ही मतदाता सूची का इस्तेमाल हो.
इस मुद्दे पर देशभर में खुलकर चर्चा हो.
सांसद कांकेर भोजराज नाग ने संबोधित करते हुए कहा चुनाव प्रणाली में बदलाव को लागू करने के लिए एक ख़ास टीम बनाई जाए. लोकसभा और विधानसभा चुनाव के एक साथ होने पर देश को आर्थिक लाभ तो होगी साथ ही साथ विकास कार्यों भी सुचारू रूप से चलते रहेंगे. विचार विमर्श में पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय मंत्री किसान मोर्चा श्रीमती पिंकी शिवराज शाह, पूर्व विधायक श्रवण मरकाम, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रकाश बैस, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा, आयोग के अध्यक्ष नेहरू राम निषाद, महामंत्री कविंद्र जैन, नगर पंचायत अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा, उपाध्यक्ष विकास बोहरा, जनपद अध्यक्ष महेश गोटा, जनपद उपाध्यक्ष हृदय साहू, जनपद सभापति राजेशनाथ गोसाई, महामंत्री रूपेंद्र साहू,पार्षद राजा पवार, विकल गुप्ता, पेंशनर समाज के पदाधिकारीगण एवं सदस्य और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और नगरवासी मौजूद थे।
