विश्व मलेरिया दिवस विशेष
मलेरिया से बचने जनसमुदाय,साफ-सफाई का रखे ख्याल-डां विमल किशोर राय
रायपुर ।विश्व मलेरिया दिवस प्रत्येक वर्ष 25 अप्रैल को मनाया जाता है। कोरोना वायरस की वजह से तो इस उपलक्ष्य में कोई भी कार्यक्रम नहीं किया जा रहा है, लेकिन इस दिन समुदाय को कोविड-19 से साथ साथ मलेरिया और मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के बारे में जागरूक किया जाएगा।
ज़िला मलेरिया अधिकारी डां विमल किशोर रायने बताया “विश्व मलेरिया दिवस को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी स्वास्थ्य कर्मियों को कोरोना के साथ-साथ मलेरिया से भी बचाव को लेकर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ हीं जिले के अन्य संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को भी अपने स्तर से मलेरिया से बचाव संबंधी जागरुकता को कहा गया है।मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से बचाव के लिए सभी को जागरूक रहने की जरूरत है अपने आसपास सफाई रखें गंदगी और रुके हुए जल मे मलेरिया संवाहक मच्छरों के पनपने से यह महामारी का रूप ले लेता है। जन सहयोग से रायपुर ज़िले को मलेरिया मुक्त बनायेगे ।“
छत्तीसगढ़ में इस दिन की थीम “आओ मिलकर छत्तीसगढ़ को मलेरिया मुक्त करें” रखी गई है जिसके आधार पर मलेरिया को खत्म करने के लिए सभी व्यक्तियों को अपने स्तर पर प्रयास करने का आवाहन किया गया है यानी पहले अपने आसपास इस बीमारी के खतरे को कम करके आगे बढ़े।
मलेरिया के नियंत्रण के लियें वैश्विक प्रयास किए जा रहे हैं। मच्छरों के कारण फैलने वाली बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक कर इससे बचाव काफी आवश्यक है।
कुमार सिंह ज़िला कंसल्टेन्ट राष्ट्रीय वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (एनवीबीडीसीपी)ने बताया:“रायपुर ज़िले को मलेरिया मुक्त करने के लिए हम सब मिल कर काम करेंगेजिले में अप्रैल 2018 से मार्च 2019 तक 45 मलेरिया के केस मिले थे । वहीं अप्रैल 2019 से मार्च 2020 तक केवल 25 मलेरिया केस मिले जबकि बीते वित्तीय वर्ष अप्रैल 2020 से मार्च 2021 में 7 मलेरिया के केस मिले हैं ।‘’
ज़िले से मलेरिया का समूल उन्मूलन करना है । जिले में मलेरिया रोगी मिलने पर केस वाइस सर्विलॉस किया जाता है जिससे सटीक जानकारी मिल पाए । मलेरिया संक्रमित मच्छर में मौजूद परजीवी की वजह से होती है। यह रोगाणु इतने छोटे होते की इन्हें माइक्रोस्कोप की सहायता से ही प्रयोग शाला में ही देख सकते। मलेरिया बुखार प्लॅस्मोडियम वीवेक्स नामक परजीवी के कारण होता है ।मादा एनोफलीज नामक संक्रमित मच्छर के काटने से मनुष्यों के रक्त प्रवाह में ये परजीवी संचारित होता है। केवल वही मच्छर व्यक्ति में मलेरिया बुखार संचारित कर सकता है, जिसने पहले किसी मलेरिया से संक्रमित व्यक्ति को काटा हो। ये परजीवी लिवर तक पहुंच कर उसके काम करने की क्षमता को बिगाड़ देता है।
मलेरिया के लक्षण हैं
तेज बुखार,कंपकंपी,पसीना आना,सिरदर्द,शरीर में दर्द,जी मचलना और उल्टी होना कभी-कभी इसके लक्षण हर 48 से 72 घंटे में दोबारा दिखायी देते हैं।
ऐसे करें रोकथाम:
मच्छर-दानी लगाकर सोएं और ध्यान रखें कि आसपास सफाई हो।
आमतौर पर मलेरिया का मच्छर शाम को ही काटता है।
घर के अंदर मच्छर मारनेवाली दवा छिड़कें। मोस्कीटो रिपेलेंट मशीनों का इस्तेमाल करें।
घर के दरवाजों और खिड़कियों पर जाली लगाएं
ऐसे कपड़े पहनेंजिससे पूरी तरह शरीर ढ़के और उसका रंग हलका होना चाहिए।
ऐसी जगह न जाए, जहां गंदगी हों या पानी इकट्ठा हो क्योंकि वहां मच्छर पनपने का खतरा होता है।
मौसम के बदलते मिजाज से न केवल हमारी सेहत खराब होती हैं बल्कि इन दिनों में मच्छर से फैलने वाली जानलेवा बीमारियां डेंगू-मलेरिया और चिकिनगुनिया का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता हैं।
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