एक तरफ प्रदेश व पूरा देश कोरोनावायरस के संक्रमण से जूझ रहा है तो वहीं भाजपा के लोगों को धरना प्रदर्शन करना सूझ रहा है|
राजिम।। जिला कांग्रेस कमेटी रायपुर (ग्रामीण) पूर्व उपाध्यक्ष श्री राम साहू ने कहा कि कोरोना संक्रमण से मानव समाज की सुरक्षा के लिए शासन प्रशासन के साथ अनन्य समाज सेवी संस्थाएं भी अपनी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए लोगों के जीवन बचाने में अपनी सेवाएं दे रहे है क्योंकि यह आपदा अकेले सरकार के बस की बात नहीं है कोरोना संक्रमण से अकेला छत्तीसगढ़ ही प्रभावित है ऐसा नहीं है देश के विभिन्न राज्यों में भी बड़ी भयावह स्थिति बनी हुई है जहां भाजपा के भी सरकार है ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं द्वारा सरकार के ऊपर बेबुनियाद आरोप लगाकर धरना प्रदर्शन करना राष्ट्र धर्म तथा मानवता के खिलाफ है साहू ने कहा कि भाजपा के लोग अपने-अपने घरों में भूपेश बघेल सरकार के विरुद्ध तख्ती लेकर बैठे रहे उससे अच्छा पिछले साल को याद करते और अपने अपने घरों में थाली घंटी बजाते और मानव समाज के सुरक्षा के लिए दो अगरबत्ती जलाकर कम से कम हनुमान चालीसा ही पढ़ लेते तो छत्तीसगढ़ की जनता इनकी सराहना करते लेकिन भाजपाइयों के द्वारा इस विषम परिस्थितियों में ऐसी गंदी राजनीति करने पर छत्तीसगढ़ की जनता इन्हें कोषने लगी है |
रतिराम साहू ने आगे कहा कि यदि खामियां ही देखना है तो क्या इन्हें केंद्र सरकार की खामियां दिखाई नहीं दे रही है जब देश में कोरोना संक्रमण लाखों की तादाद में बढ़ता हुआ दिख रहा था तब भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनदेखा कर पश्चिम बंगाल के चुनाव में मशगूल रहे एक तरफ तो लोगों को 2 गज की दूरी बनाने की बात कहते हैं रहें और दूसरी तरफ स्वयं चुनावी रैलियों में भीड़ जुटाने में मशगूल रहे अपनी स्वयं की वाहवाही लूटने हेतु अपने देशवासियों के टीकाकरण की पूर्ति को ध्यान में ना रखकर विदेशों में निर्यात करते रहे पिछले वर्ष देश में कोरोना संक्रमण अपना पैर पसारना शुरू कर दिया था लेकिन उस समय मध्य प्रदेश में सरकार गिराकर सत्ता परिवर्तन कराना था इसलिए समय पर लॉकडाउन नहीं किया, महाराष्ट्र में संक्रमण बढ़ना शुरू हुआ तो उन्हें मदद करने के बजाय सरकार को गिराने के प्रयास में ही लगे रहे | इस तरह से केवल सत्ता को ही केंद्र बिंदु बनाकर कार्य किया जाना कहां तक उचित है संक्रमण से जूझ रहे लोगों की मदद करने के बजाय सरकार से बस हिसाब किताब मांगने की बातें करने लगे हैं क्योंकि इनके पास कोई मुद्दा तो है नहीं यदि इन्हें हिसाब किताब मांगना ही है तो केंद्र के वित्त मंत्री से हिसाब मांगना चाहिए जिन्होंने 35000 करोड वैक्सीन के लिए बजट में रखे गए राशि कहां गई | अब वैक्सीन का बोझ राज्य सरकारों के ऊपर क्यों डाल रही है | साहू ने कहा समय की मांग है कि दलगत राजनीति से ऊपर उठकर संकट के समय में मानव जीवन को बचाने सामूहिक दायित्व और कर्तव्यों का निर्वहन किया जाना चाहिए लेकिन भाजपा लोग अपने केंद्र सरकार की नाकामी को छुपाने के लिए नौटंकी कर रहे हैं |
