फिंगेश्वर:– जनजातीय गौरव माह के अंतर्गत जनजातीय समाज के गौरवशाली अतीत को रेखांकित करने के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिजली में रंगोली एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. जिसमें रंगोली में प्रथम स्थान पर स्वाति साहू (नवमी) एवं निबंध प्रतियोगिता में गीता साहू 12वीं प्रथम स्थान पर रही.इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य पूरनलाल साहू ने कहा कि भारत का जनजातीय समाज अपनी आध्यात्मिक परंपराओं,विशिष्ट संस्कृति और श्रेष्ठ जीवन मूल्यों के साथ सदैव से भारतीय सभ्यता और संस्कृति का अभिन्न अंग रहा है. जनजातीय अपनी संस्कृति के जरिए भारतीय संस्कृति को एक विशिष्ट रूप देते हैं. जनजातीय संस्कृति की विविधता ने भारतीय संस्कृति को भी विविधता पूर्ण बनाया है. जनजातीय संस्कृति प्रकृति से प्रेम करने वाली संस्कृति है. यह संस्कृति सौहार्द, शांति और सद्भाव की संस्कृति है. इस अवसर पर संस्था के प्राचार्य पूरनलाल साहू व्याख्याता दिनेश कुमार साहू, विनय कुमार साहू, नरेंद्र कुमार वर्मा, रेखा सोनी, संतोषी गिलहरे,शिक्षक नकुल राम साहू,क्लर्क दुष्यंत कुमार साहू, तोमन राम साहू व छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.

जनजातीय संस्कृति सौहार्द,शांति और सद्भाव की संस्कृति है।
