कोरिया में शराब तस्करों का राज, तालाबंदी में सक्रिय हुए विचौली!

कोरिया में शराब तस्करों का राज, तालाबंदी में सक्रिय हुए विचौली!

संभाग प्रमुख
मोहम्मद इकरार अहमद। ख़बर गंगा- पूरे देश में हैरान करने वाली ख़बर यह है कि छत्तीस गढ़ राज्य में सभी देशी, विदेशी अंग्रेजी शराब की दुकान खोलने की अनुमति कोरोना काल में भी जारी है और इसके शौकीन भी जगह जगह पर भारी है। इन्हीं सब ख़ास वजहों से समूचा सरगुजा संभाग तस्करो के घेरे में है जहां की अधिकांश इलाकों में प्रवेश कर तस्कर गिरोह संभाग की युवा पीढ़ी शक्ति को नष्ट करने की फिराक में है। फिर भी प्रशासन के हाथ अब भी खाली है या यूं कहें कि मौजूदा सरकार के स्वास्थ मंत्री श्री टी एस सिंहदेव महाराजा के सरगुजा संभाग का ही ये पूरा हाल है जहां सरगुजा संभाग के सबसे पिछड़ा क्षेत्र बाहुल्य आदिवासी आबादी वाला कोरिया जिला अब तस्करों के निशाने पे है कोरिया में शराब तस्करों का राज है तालाबंदी के बाद भी बिचौलियों के दलाल सक्रिय हो कर जिले को बर्बाद कर रहे हैं जिले के नगर पंचायत क्षेत्रों में लंबे अरसे से अवैध मादक पदार्थ गांजा, दारू, चरस, अफ़ीम व ब्राउन शुगर सहित नशीली दवाओं का गोरखधंधा जमकर फलफूल रहा है और खाखी पूरी ईमानदारी से खानापूर्ति कर अपनी ड्यूटी निभाने में जुटी हुई है इसी क्षेत्र के खोंगापानी नगर पंचायत में भी लंबे अरसे से कच्ची, विदेशी शराब की अवैध बिक्री किए जाने से आम लोग परेशान हो रहे हैं हैरत की बात यह है कि जिस तरह से अवैध रूप से खुलेआम कच्ची, विदेशी शराब खपाई व परोसी जा रही है उसे देखकर ऐसा लगता है कि पूरा खेल व्यवस्थित तरीके से संचालित है। अविभाजित मध्यप्रदेश के दौरान जब खोंगापानी को ग्राम पंचायत का दर्जा था उस दौरान ग्राम पंचायत खोंगापानी पूरे मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत में सुमार हुआ करती थी, प्रदेश के विभाजन के बाद खोंगापानी को नगर पंचायत का दर्जा दे दिया गया. यहां बहुतायत में श्रमिक परिवारों के लोग निवास करते हैं इन्हीं में से कई जगहों पर अवैध रूप से कच्ची, विदेशी शराब बनाई व बेची जा रही है। जानकारों के मुताबिक खोंगापानी क्षेत्र के मुरूम दफाई, कंचन दफाई, पोखरी दफाई, बुद्धू सिंह दफाई, सहबानी टोला और मतकोड़वा दफाई, बैलर दफाई सहित अन्य कई स्थानों पर अवैध रूप से मादक पदार्थों को बेचने का गोरखधंधा जोरो पर है यहां दिनभर शराबियों का जामवड़ा लगा रहता है जिसके चलते खोंगापानी में रहने वाले संभ्रांत परिवार लोगों में खासकर महिलाओं को बहुत परेशानी उठानी पड़ती है एक ओर जहां पूरा विश्व वैश्विक महामारी कोविड 19 से प्रभावित है वहीं दूसरी ओर उन स्थानों जहां कच्ची, विदेशी शराब बनाई और खपाई जा रही है वहां लगे लोगों का जामवड़ा देखकर आसानी से समझा जा सकता है कि इन्हें लोगों के जान की कोई परवाह नहीं है। सूत्रों की माने तो इन अवैध कच्ची, विदेशी शराब विक्रेताओं के पास अवैध शराब बनाने के लिए यूरिया के साथ जंगली फल व ऐसी सामग्रियों का उपयोग किया जाता है जिससे लोगों को नशा तो बहुत होता है लेकिन उनका शरीर भी बुरी तरह प्रभावित होता है। इसके साथ ही साथ इन दिनों लॉक डाउन के चलते अंग्रेजी शराब की दुकानों में ताले लटके हुए हैं जिसके चलते इन अवैध कच्ची, विदेशी शराब विक्रेताओं की बिक्री में और भी इजाफा हुआ है. जनापेक्षा है कि इस संबंध में आबकारी विभाग अपने दायित्वों का निष्ठा पूर्वक निर्वहन करें, नहीं तो यहां के क्षेत्र का माहौल बिगड़ते देर नहीं लगेगी। इन सब बातों पर ध्यान केंद्रित करें तो विगत माह खोंगापानी क्षेत्र में कार्यवाही कर कई लोगों पर केश दर्ज किया गया है लॉक डाउन के दौरान अभी कोरोना संक्रमण की वजह से दबिश नहीं दी जा रही है।शीघ्र ही कार्यवाही की जायेगी। वेद प्रकाश इंदुआ, आबकारी उप निरीक्षक मनेद्र गढ़ ।