पढ़िए कविता :- आभार है माँ तेरा
कविता :- आभार है माँ तेरा माँ आभार है तेरा मुझे दिया जन्म तूने अपना दूध पिला दुनिया से लड़ने के लिये बनाया तूने। प्रकृति आभार है तेरा तूने मेरे जीवन मे बेहतरीन रंगो को भरा मेरे विचारों में जीवन के तरंगो को भरा। आभार है उस पंछी का जिसने मुझे हवा में उड़ना सीखाया…
